निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता/बैरकपुर : एक ही संस्थान, दो अलग-अलग शाखाएं, लेकिन ठगी का तरीका लगभग एक जैसा। महानगर और उससे सटे औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 'मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स' के दो कर्मियों ने संस्थान के भरोसे को तोड़ते हुए करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये के स्वर्ण आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने बैरकपुर और कंकुरगाछी शाखाओं से जुड़े इन दोनों मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
कांकुरगाछी : डिप्टी सेल्स मैनेजर ने किया 98 लाख का गबन
शोरूम प्रबंधन के अनुसार कंकुरगाछी स्थित शोरूम में भी ऑडिट के दौरान कान की बालियों (ईयररिंग्स) के स्टॉक में बड़ी कमी पाई गई। यहां आरोपी कोई और नहीं, बल्कि डिप्टी सेल्स मैनेजर के पद पर तैनात राजीव रामनन है। जांच में खुलासा हुआ कि राजीव ने बिलिंग रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर में हेरफेर कर लगभग 684 ग्राम सोना गायब कर दिया, जिसकी कीमत करीब 98 लाख रुपये आंकी गई है। फूलबागान थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, चोरी और विश्वासघात की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को दबोच लिया है।
असली जेवर की जगह रखे थे नकली गहने
वहीं दूसरी ओर बैरकपुर शाखा में भी स्टॉक वेरिफिकेशन के दौरान भारी विसंगति पाई गई जिससे वहां भी इस चोरी का खुलासा हुआ। ऑडिट में पता चला कि गोल्ड चेन के स्टॉक से असली जेवर गायब हैं और उनकी जगह कम शुद्धता वाले या 'इमिटेशन' (नकली) गहने रखे गए हैं। सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने अभियुक्त कर्मचारी कुणाल चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने करीब 372 ग्राम सोना (कीमत लगभग 61.7 लाख रुपये) धीरे-धीरे गायब किया और उन्हें विभिन्न फाइनेंस कंपनियों के पास गिरवी रखकर लोन ले लिया। टीटागढ़ थाना पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार बैरकपुर मामले में गिरवी रखे गए सोने को छुड़ाने की प्रक्रिया जारी है।