सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम
डिगलीपुर में अवैध वन्यजीव व्यापार पर पुलिस की सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई का एक और उदाहरण सामने आया है। 21 सितंबर को डिगलीपुर पुलिस ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर मधुपुर स्थित पुलिस क्वार्टर के पास दो व्यक्तियों को हिरण के अवैध मांस के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपियों के पास से कुल 15.5 किलोग्राम हिरण का मांस बरामद किया गया।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व डिगलीपुर के एसडीपीओ श्री अंकुश यादव ने किया। पुलिस टीम ने मौके पर ही आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 50/51 के तहत गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जब्त मांस सहित दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन विभाग के हवाले कर दिया गया। यह कदम उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला पुलिस की जैव विविधता की रक्षा और वन्यजीवों के अवैध शिकार व व्यापार को रोकने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत हिरण जैसे संरक्षित जीवों का शिकार व व्यापार दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में कठोर सज़ा का प्रावधान है ताकि दुर्लभ और संरक्षित प्रजातियों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। पुलिस और वन विभाग इस दिशा में लगातार निगरानी रखे हुए हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर शीघ्र कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को भी अवैध शिकार, वन्यजीव व्यापार या इससे जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत नजदीकी थाना या हेल्पलाइन नंबर 100, 112 अथवा 03192-273344 पर संपर्क करें। सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी और उपयोगी जानकारी देने वालों को इनाम भी प्रदान किया जाएगा।
यह कार्रवाई न केवल एक सफल अभियान है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि वन्यजीवों की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। पुलिस और वन विभाग का यह संयुक्त प्रयास निश्चित ही अवैध वन्यजीव व्यापार पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।