सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विधानसभा में विपक्ष के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय के पद की स्वीकृति को लेकर चल रही कानूनी अड़चनों के बीच आज बुधवार को तृणमूल के विधायक विधानसभा पहुंचेंगे। सूत्रों के मुताबिक आज विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र भी विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा जा सकता है या नहीं, यह देखने वाली बात है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक विधायक ने कहा कि तृणमूल के अधिकतम विधायकों को विधानसभा में आने के लिए कहा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हावड़ा-सियालदह सहित विभिन्न जगहों पर कथित हॉकर हटाओ अभियान के विरोध में तृणमूल के विधायक धरना भी दे सकते हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा गया है।
70 विधायक क्या आज आयेंगे ?
मंगलवार को कालीघाट में विधायकों को लेकर अहम बैठक की गयी है जहां पार्टी स्तर पर कई अहम फैसले लिये गये हैं।इस बैठक में पार्टी के करीब 70 विधायक शामिल हुए थे। उन सभी को विधानसभा में आने के लिए कहा गया है।
क्या है मुद्दा : तृणमूल कांग्रेस के विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने सोमवार को कहा था कि वह पश्चिम बंगाल की 18वीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता नहीं दिए जाने के कारणों पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत आवेदन दाखिल कर चुके है। उन्होंने कहा था कि अब इस संबंध में पत्र सौंपेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक संख्या बल होने के बावजूद उनकी पार्टी को उसका हक नहीं दिया जा रहा है।
विधानसभा ने बताया यह है नियम : वहीं, दूसरी ओर विधानसभा सचिवालय सूत्रों ने बताया कि तृणमूल ने अपने विधायक दल के नेता का नाम बताते हुए पत्र तो प्रस्तुत कर दिया है, लेकिन संबंधित दस्तावेज अभी तक नहीं दिए गए हैं। विधानसभा सचिवालय के सूत्रों ने तृणमूल द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यह पत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के ‘लेटरहेड’ पर भेजा गया था।