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ईडी छापों पर घमासान: तृणमूल और भाजपा आमने-सामने

तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के परिसर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर बृहस्पतिवार को एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।

कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के परिसर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर बृहस्पतिवार को एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने चुनाव से पहले "राजनीतिक तलाशी" का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर केंद्रीय एजेंसियों के कामकाज में बार-बार बाधा डालने का आरोप लगाया।

यह आरोप-प्रत्यारोप ऐसे दिन हुआ, जब उच्चतम न्यायालय ने ईडी के इस आरोप को "बेहद गंभीर" बताया कि बनर्जी ने जांच में "बाधा" डाली और इस बात की जांच करने पर सहमति जताई कि क्या किसी राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​किसी गंभीर अपराध की केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं।

तृणमूल ने जांच को राजनीति से प्रेरित बताया

तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी इस मामले के "तकनीकी कानूनी पहलुओं" पर टिप्पणी नहीं करेगी और इसे अपने वरिष्ठ वकील पर छोड़ देगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईडी की कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित थी और पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर की गई थी। घोष ने सवाल उठाया कि चुनाव से ठीक पहले ईडी "अचानक क्यों जाग उठी"।

उन्होंने कहा, ‘हमारा रुख बिल्कुल वही है। यह मामला 2020 में दर्ज किया गया था। पांच-छह साल बीत चुके हैं। इतने सालों तक वे क्या कर रहे थे? क्या वे सो रहे थे?’ आई-पैक निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर हुई छापेमारी पर सवाल उठाते हुए घोष ने पूछा कि अगर मामला इतना गंभीर था तो पहले ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने बताया कि जब मामला दर्ज हुआ था तब चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर पार्टी से जुड़े हुए थे, लेकिन उनके परिसर पर कभी छापा नहीं मारा गया।

तृणमूल नेता ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा प्रवर्तन निदेशालय का इस्तेमाल तृणमूल की चुनावी अभियान से जुड़ी जानकारी को भटकाने, उस तक पहुंच बनाने या उसे बाधित करने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा, ‘हमारी नेता, बंगाल की शेरनी ममता बनर्जी ने इसका कड़ा विरोध किया है और वह पार्टी एवं उसके सूचना आधार की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की जनता ‘सब कुछ समझती है’।

भाजपा ने ममता को लेकर सवाल उठाया

भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पलटवार करते हुए बनर्जी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कामकाज में बाधा डालने के ‘अस्वीकार्य और अक्षम्य’ प्रयास करने का आरोप लगाया। शेखावत ने आरोप लगाया कि ईडी की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं कोलकाता स्थित आई-पैक कार्यालय पहुंचीं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उनसे पहले ही मौके पर पहुंच चुके थे। भाजपा नेता ने दावा किया कि यह जांच के दौरान जानबूझकर बाधा डालने का मामला था।

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