सन्मार्ग संवाददाता
बारासात : बारासात-टाकी रोड पर बारासात इलाके में पूजा के उपलक्ष्य में लगाया गया एक विशाल प्रवेश द्वार (तोरण) अचानक टूटकर गिर गया, जिससे सड़क पर घंटों तक यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। यह घटना उस समय हुई जब क्षेत्र में तेज हवाएँ चल रही थीं, जिसने अस्थाई रूप से लगाए गए इस ढांचे को टिकने नहीं दिया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह घटना आज शाम के समय हुई। पूजा के लिए पंडाल के सामने स्थापित किया गया यह भव्य ओवरहेड गेट, जो अक्सर लोहे या बाँस के ढाँचे पर बनाया जाता है, तेज हवा के एक झोंके को सहन नहीं कर पाया और धड़ाम से मुख्य सड़क पर आ गिरा। गेट के गिरने से अफरातफरी मच गई और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
गनीमत यह रही कि उस समय बारिश हो रही थी, जिसके कारण सड़क पर आम लोगों की आवाजाही कम थी। इस वजह से किसी भी राहगीर को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, एक ई-रिक्शा (टोटो) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन उसका वाहन मलबे के नीचे दबकर चकनाचूर हो गया। यदि यह घटना भीड़-भाड़ वाले समय में होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही बारासात थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने तत्काल यातायात को नियंत्रित करने और गिरे हुए मलबे को हटाने का काम शुरू किया। इस दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पंडाल निर्माण और गेट लगाने वाली डेकोरेटर्स कंपनी के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जाँच में यह स्पष्ट हो गया है कि डेकोरेटर्स कंपनी ने गेट बनाने के लिए सुरक्षा और निर्माण के सही नियमों का पालन नहीं किया था। प्रवेश द्वार के खंभों को ठीक से जमीन में नहीं गाड़ा गया था और न ही उन्हें पर्याप्त सहारा दिया गया था। यही घोर लापरवाही अचानक आई तेज हवा के झोंके से गेट के गिरने का मुख्य कारण बनी।
पुलिस अधिकारियों ने जेसीबी मशीनों और मजदूरों की मदद से सड़क से मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया। सड़क से लोहे के भारी-भरकम खंभे, प्लाइवुड और अन्य सजावटी सामग्री को हटाकर यातायात को एक वैकल्पिक मार्ग से मोड़ने का प्रयास किया गया ताकि यात्रियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। हालांकि, मुख्य सड़क पर यातायात को पूरी तरह से सुचारु होने में कई घंटे लगने की संभावना है।
स्थानीय प्रशासन ने सभी पूजा आयोजकों और डेकोरेटर्स कंपनियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि वे भविष्य में ऐसे अस्थाई ढाँचों का निर्माण सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ही करें ताकि ऐसी दुर्घटनाओं को टाला जा सके। पुलिस हिरासत में लिए गए व्यक्ति से आगे की पूछताछ जारी है ताकि इस मामले में और किसकी लापरवाही थी, इसका पता लगाया जा सके और उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है।