सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सूचना एवं सांस्कृतिक तथा पर्यटन विभाग की राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बंगाल में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाओं पर जोर देने की बात कही। मंत्री ने कहा कि पर्यटन को केवल सांस्कृतिक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने एक व्यापक पर्यटन मास्टर प्लान तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, विश्वसनीय पर्यटन सेवाएं, बेहतर कनेक्टिविटी, प्रभावी ब्रांडिंग और मजबूत सार्वजनिक-निजी भागीदारी शामिल हो। मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल साहित्य, पुरातत्व, इतिहास, विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं की असाधारण समृद्धि से संपन्न है, जो इसे भारत के सबसे विशिष्ट पर्यटन स्थलों में से एक बनाती है। बंगाल की विरासत का संरक्षण और प्रचार केवल अतीत को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से शिक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में समुद्र तट, जंगल, नदियां, विरासत शहर और आदिवासी संस्कृति इन सभी का अनूठा संगम देखने को मिलता है। पर्यटन उद्योग, विशेष रूप से आतिथ्य क्षेत्र को ऐसे अभिनव पर्यटन पैकेज तैयार करने चाहिए, जो बंगाल की वास्तविक भावना और सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करे तथा पर्यटकों को प्रामाणिक और यादगार अनुभव प्रदान करे। उन्होंने सभी हितधारकों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि सरकार, उद्योग और स्थानीय समुदायों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से बंगाल के सौंदर्य और ब्रांड को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।