कोलकाता : बांग्लादेश की जेल में बंद इस्कॉन संत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। तृणमूल विधायक व प्रवक्ता कुणाल घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उनकी सुरक्षा को लेकर अब तक ठोस पहल क्यों नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि वर्षों से बेटे की प्रतीक्षा कर रही मां की अंतिम इच्छा सिर्फ बेटे को एक बार देखना थी। लेकिन संत को मां के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए महज पांच घंटे की पैरोल मिली। चट्टोग्राम के पुंडरीक धाम मंदिर में अंतिम संस्कार के बाद उनके भावुक होकर भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में गिरने के दृश्य का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर देने वाला है।
दरअसल चिन्मय दास एक वकील की हत्या के मामले में जेल में हैं। उनके समर्थकों का आरोप है कि बांग्लादेश में हिंदुओं के अधिकार और सुरक्षा की आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। हालांकि, मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।
तृणमूल ने कहा कि वह विदेश मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर रही, लेकिन मानवीय आधार पर केंद्र से पहल की अपेक्षा है। साथ ही, भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बागेश्वर धाम के बाबा को लेकर पार्टी ज्यादा मुखर है, जबकि चिन्मय प्रभु के मामले में खामोश है। पार्टी ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।