निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बिगुल फूँकते ही राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई है। उत्तर 24 परगना की हाई-प्रोफाइल सीट हाबरा में चुनावी जंग ने अब निजी हमलों और कानूनी कार्रवाई का रूप ले लिया है। बीजेपी उम्मीदवार देवदास मंडल द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता और उम्मीदवार ज्योतिप्रिय मल्लिक पर किए गए तीखे व्यक्तिगत हमले के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है।
विवाद की जड़
बीजेपी ने गुरुवार को अपनी दूसरी सूची में देवदास मंडल को हबरा से उम्मीदवार घोषित किया। मैदान में उतरते ही मंडल ने ज्योतिप्रिय मल्लिक पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हबरा के बुद्धिजीवी लोग किसी 'राशन चोर' या 'मिड-डे मील चोर' को वोट नहीं देंगे। जनता हाल ही में जेल से लौटे व्यक्ति का समर्थन नहीं करेगी।"
TMC की जवाबी कार्रवाई
इन बयानों को 'अमर्यादित और व्यक्तिगत हमला' करार देते हुए तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को स्थानीय थाने में देवदास मंडल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हबरा नगर पालिका के चेयरमैन नारायण चंद्र साहा ने पलटवार करते हुए कहा कि ज्योतिप्रिय मल्लिक अपराधी हैं या नहीं, यह जांच एजेंसियां तय करेंगी, लेकिन बीजेपी प्रत्याशी की भाषा साबित करती है कि वह चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि 'मस्तानी' (गुंडागर्दी) करने आए हैं।
चुनावी माहौल
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पहले ही दिन इस तरह की बयानबाजी ने हबरा के चुनावी दंगल का रुख स्पष्ट कर दिया है। विकास और मुद्दों के बजाय व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप इस बार मुख्य हथियार बनने वाले हैं।