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कोरोना संकट में भी TMC ने किया भ्रष्टाचार! हैरान करने वाले तथ्य आए सामने

CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, कोरोना काल में ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर के इस्तेमाल पर उठे सवाल

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए केंद्र से मिले संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर कैग (CAG) रिपोर्ट में कई सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात स्थिति राहत कोष (PM CARES) तथा CSR के तहत राज्य को मिले कई ऑक्सीजन प्लांट और चिकित्सा उपकरणों का पूरी तरह उपयोग नहीं किया गया।

कैग की वर्ष 2024 की पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आर्थिक पैकेज का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं किया गया। यह रिपोर्ट शुक्रवार को विधानसभा में पेश की गई।

75 ऑक्सीजन प्लांट में सिर्फ 32 हुए चालू

रिपोर्ट के अनुसार, PM CARES और CSR के माध्यम से पश्चिम बंगाल को कुल 75 ऑक्सीजन प्लांट उपलब्ध कराए गए थे। इनमें से दिसंबर 2023 तक केवल 32 प्लांट ही चालू पाए गए, जबकि बाकी 43 प्लांट के संचालन की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी

कैग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि कोविड के दौरान अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के लिए भेजे गए वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का भी कई जगह इस्तेमाल नहीं हो पाया।

अस्पतालों के स्टोर में पड़े रहे वेंटिलेटर

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में PM CARES के तहत मिले वेंटिलेटर लंबे समय तक स्टोर में पड़े रहे।

  • मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में मिले 5 वेंटिलेटर मार्च 2022 तक गोदाम में रखे रहे

  • अन्य 3 वेंटिलेटर पैक अवस्था में स्टोर में पड़े रहे, जिन्हें बाद में इस्तेमाल नहीं किया जा सका।

  • रायगंज मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 2020-22 के दौरान मिले 17 ICU वेंटिलेटर मार्च 2022 तक काम नहीं कर रहे थे

  • कुछ अस्पतालों में मिले ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपयोग में नहीं लाए गए।

659 करोड़ रुपये खर्च नहीं होने का दावा

कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना प्रबंधन के लिए पश्चिम बंगाल को मिले कुल आवंटन का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा मार्च 2022 तक खर्च नहीं किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 659.28 करोड़ रुपये का उपयोग नहीं हुआ

रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि इतनी बड़ी राशि का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया और उपलब्ध कराए गए उपकरणों को समय पर क्यों नहीं लगाया जा सका।

रिपोर्ट पर सियासी बहस तेज

कैग रिपोर्ट सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्ष ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था में कथित लापरवाही का मुद्दा बताया है, जबकि राज्य सरकार की ओर से रिपोर्ट पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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