जम्मू : पाकिस्तान से संचालित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन कथित सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी कई वर्षों से आतंकी गतिविधियों में सहयोग कर रहे थे और जम्मू क्षेत्र के राजौरी-रियासी से दक्षिण कश्मीर के शोपियां तक आतंकियों की आवाजाही में मदद करते थे।
पुलिस के मुताबिक राजौरी के कोट चरवाल निवासी मोहम्मद आजम, जाकिर हुसैन और मोहम्मद मुश्ताक को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। इन पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक कथित ‘सामरिक सहयोग मॉड्यूल’ को संचालित करने का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी पिछले कई वर्षों से सक्रिय थे। उन पर विभिन्न आतंकी समूहों को कथित तौर पर पनाह और सामरिक मदद देने तथा राजौरी-रियासी और पीर पंजाल क्षेत्र के रास्ते आतंकियों को शोपियां तक पहुंचाने में सहायता करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों ने 2023 में रियासी जिले के चसाना में मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की कथित तौर पर मदद की थी।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की निशानदेही पर गांव से सटे जंगल से एक शक्तिशाली संवर्धित विस्फोटक उपकरण (IED) बरामद किया गया। इसके अलावा बृहस्पतिवार को उनके ठिकाने से एक पिस्तौल, मैगजीन और गोला-बारूद तथा चीन निर्मित दो हथगोले भी बरामद किए गए।
93 लाख की संपत्ति की धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार
श्रीनगर : कश्मीर अपराध शाखा के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने 93 लाख रुपये की जमीन और संपत्ति धोखाधड़ी के मामले में बडगाम निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी पिछले वर्ष से गिरफ्तारी से बच रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि बडगाम के जवालापोरा निवासी गुलाम मोहि-उद-दीन डार को श्रीनगर के उप न्यायाधीश की अदालत से जारी आदेश और वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज होने की बात अधिकारियों ने कही है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अनुसार मामला एक लिखित शिकायत पर आधारित है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जमीन के दलाल डार ने कर्नाटक और जम्मू के जानीपुर निवासी सह-आरोपी सोमनाथ कौल के साथ मिलकर पीड़ित से 93 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
जांच में कथित तौर पर सामने आया कि आरोपियों ने जाली समझौतों के जरिए पुलवामा के ड्रुसु में प्रवासियों की जमीन और बिजबेहड़ा में 300 पेड़ों को बेचने की पेशकश की। अधिकारियों के मुताबिक दोनों आरोपी खुद को संपत्ति का मालिक या ‘अटॉर्नी होल्डर’ बताकर लोगों को संपत्ति बेचने का झांसा देते थे।
अधिकारियों ने बताया कि ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल बैंक खाता कथित तौर पर उसी दिन खोला गया था, जिस दिन पैसे स्थानांतरित किए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि खाता केवल इस कथित धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए खोला गया था।
अधिकारियों के अनुसार फरार सह-आरोपी सोमनाथ कौल के खिलाफ ‘ह्यू एंड क्राई नोटिस’ अब भी प्रभावी है। मामले में आगे की जांच जारी है।