टॉप न्यूज़

तीन दिन, चार अग्निकांड और 26 मौतें: दिल्ली से बिहार, नोएडा और इंदौर तक आग ने मचाया कहर

होटल, अस्पताल, हाईराइज सोसाइटी और शोरूम में लगी आग ने बढ़ाई चिंता; सुरक्षा इंतजामों और अग्निशमन व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

नई दिल्ली : देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सामने आ रही भीषण आग की घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बीते तीन दिनों में दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में आग की चार बड़ी घटनाओं में करीब 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इन हादसों ने एक बार फिर भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिल्ली के मालवीय नगर में होटल बना मौत का जाल

सबसे भयावह हादसा 3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में हुआ। यहां फ्लोरिश स्टे नामक होटल और उसके नीचे संचालित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में सुबह करीब 8:50 बजे आग लग गई।

देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। होटल और रेस्टोरेंट में मौजूद 47 लोगों में से 21 लोगों की मौत हो गई। कई लोग जान बचाने के लिए दूसरी और तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है।

यह होटल उन मरीजों और उनके परिजनों के लिए ठहरने का केंद्र था, जो पास के निजी अस्पतालों में इलाज के लिए देश-विदेश से आते थे।

मुजफ्फरपुर अस्पताल में धुएं ने ली मरीजों की जान

दिल्ली अग्निकांड के अगले ही दिन बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में आग लग गई। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे अस्पताल के आईसीयू वार्ड में कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क उठी।

कुछ ही देर में पूरा आईसीयू जहरीले धुएं से भर गया। गंभीर हालत में भर्ती मरीज खुद को बचाने में असमर्थ थे। हादसे में पांच से छह मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीजों को दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित करना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय अस्पताल का पर्याप्त स्टाफ मौजूद नहीं था। ऐसे में मरीजों के परिजन खुद धुएं से भरे वार्ड में घुसे और अपने परिजनों को बाहर निकालने की कोशिश की।

नोएडा की हाईराइज सोसाइटी में मची अफरा-तफरी

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-75 की आईवी काउंटी सोसाइटी की 12वीं मंजिल पर बने एक फ्लैट में अचानक भीषण आग लग गई।

28 मंजिला इमारत में लगी आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली और कई अन्य फ्लैट भी इसकी चपेट में आ गए।

घना धुआं फैलने के बाद सैकड़ों लोग सीढ़ियों के सहारे नीचे उतरकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। सोसाइटी के फायर फाइटिंग सिस्टम ने समय रहते आग पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई।

इंदौर में ई-व्हीकल शोरूम में लगी आग

नोएडा की घटना के कुछ ही घंटों बाद मध्य प्रदेश के इंदौर से भी आग लगने की खबर आई। शहर के स्कीम नंबर-136 स्थित एक बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट में बने ई-व्हीकल शोरूम में आग भड़क गई।

आग इतनी तेज थी कि बेसमेंट में खड़े कई नए वाहन जलकर राख हो गए। धुएं के कारण आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों का दम घुटने लगा।

फायर ब्रिगेड ने दोनों इमारतों के बीच सीढ़ियां लगाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 14 हजार लीटर पानी और दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने फायर सेफ्टी मानकों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। कहीं होटल में पर्याप्त निकास मार्ग नहीं थे, कहीं अस्पताल में सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल उठे, तो कहीं ऊंची इमारतों तक पहुंचने के लिए जरूरी उपकरणों की कमी देखने को मिली।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण के बीच भवनों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन और नियमित ऑडिट अब बेहद जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

SCROLL FOR NEXT