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अजित पवार की विमान दुर्घटना की जांच करेगी यह एजेंसी

वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) बुधवार को बारामती हवाई अड्डे पर हुए विमान हादसे की जांच करेगा जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मृत्यु हो गई।

Narendra Kumar Singh

हैदराबादः वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) बुधवार को बारामती हवाई अड्डे पर हुए विमान हादसे की जांच करेगा जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मृत्यु हो गई। दिल्ली स्थित ‘वीएसआर वेंचर्स’ द्वारा संचालित ‘लीयरजेट 46’ विमान हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, चालक दल के सदस्यों सहित विमान में पांच लोग सवार थे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एएआईबी की एक टीम दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी और दुर्घटना की जांच करेगी। भारतीय हवाई क्षेत्र में विमानों से संबंधित सुरक्षा घटनाओं को दुर्घटना, गंभीर घटना या आकस्मिक घटना के रूप में वर्गीकृत करने की जिम्मेदारी एएआईबी की है। यह दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच करता है और सुरक्षा में सुधार के उपाय भी सुझाता है।

शिंदे ने जांच की बात कही

इधर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को विमान हादसे में अपने सहयोगी उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिस विमान दुर्घटना में पवार की जान गई, उसकी जांच की जाएगी। शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत में पवार के योगदान की सराहना की, जिन्होंने विभिन्न मंत्रिमंडलों में उनके सहयोगी के रूप में कार्य किया और 2022 से 2024 तक शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री भी रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत पीड़ादायक घटना है... महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। विमान दुर्घटना की जांच की जाएगी।’’ शिंदे ने कहा, ‘‘यह क्षति केवल पवार परिवार की नहीं बल्कि पूरे राज्य की है। ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया हो।’’

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह पुणे जिले में विमान दुर्घटना में 66 वर्षीय पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। शिंदे ने कहा कि पवार का मन शुद्ध था और वह साफगोई से बात रखने वाले निडर नेता थे जिनकी प्रशासन पर अच्छी पकड़ थी। उन्होंने याद किया कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान जब उन्होंने (2024 में) ‘लाडकी बहिन योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया था तो कैसे तत्कालीन वित्त मंत्री पवार ने योजना के मद में वित्तीय व्यवस्था की थी, जिसके तहत राज्य की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। शिंदे ने कहा, ‘‘हमने (शिंदे, पवार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने) एक टीम के रूप में काम किया।’’

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