निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर : उत्तर बैरकपुर नगर पालिका के पार्षद और बैरकपुर कोर्ट के वकील रवींद्रनाथ भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को पार्षद की पेशी को लेकर बैरकपुर अदालत परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। एक ओर जहां रवींद्रनाथ के समर्थकों, समर्थक वकीलों ने उन्हें जमानत दी जाने की मांग पर कोर्ट परिसर में क्षोभ जताया वहीं भाजपा द्वारा अभियुक्त को कड़ी सजा दी जाने की मांग पर बीटी रोड पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की के भी आरोप सामने आये। 80 वर्षीय बुजुर्ग तुलसी अधिकारी की मौत के मामले में गिरफ्तार पार्षद को सोमवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपित पार्षद को 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। बैरकपुर बार एसोसिएशन के महासचिव रोबिन भट्टाचार्य ने सोमवार को अपनी पैरवी खुद की। उन्होंने न्यायाधीश के समक्ष दलील दी कि यह हत्या का मामला नहीं है। भट्टाचार्य ने कहा, 'तुलसी अधिकारी ने मेरा कॉलर पकड़ा था। हमारे बीच केवल बहस और धक्का-मुक्की हुई थी, मैंने उन्हें लात नहीं मारी। घटनास्थल पर सौमेन मजुमदार नाम के गवाह और सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, जिनसे सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। मैं जांच में सहयोग के लिए तैयार हूं, इसलिए मुझे जमानत दी जाए।' हालांकि, अदालत ने उनके दावों को खारिज करते हुए पुलिस हिरासत का आदेश दिया। यहां बता दें कि पहले ही टीएमसी ने मामले में कदम उठाते हुए पार्षद को 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है।
भाजपा का ' कड़ी सजा' की मांग पर प्रदर्शन
इस घटना के बाद भाजपा ने आरोपित पार्षद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व सांसद अर्जुन सिंह के नेतृत्व में भाजपा समर्थकों ने 'चिड़िया मोड़' पर बैरिकेड तोड़कर जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा की मांग है कि बुजुर्ग की हत्या के दोषी को मृत्युदंड दिया जाए। अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में पार्षद को 'वीआईपी ट्रीटमेंट' दिया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। अर्जुन सिंह ने चेतावनी दी कि माध्यमिक परीक्षाओं के कारण वे अभी आंदोलन धीमा कर रहे हैं, लेकिन न्याय नहीं मिलने पर बड़ा कानून-भंग आंदोलन किया जाएगा।