मुंबई मार्च के दौरान मुझे मारने की हो रही है साजिश
जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनशन के 16वें दिन प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों और मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए जरांगे ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दलों से जुड़े कुछ लोगों को मार्च में भेजकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मौत स्वीकार कर लूंगा, लेकिन झुकूंगा नहीं।’’
जरांगे ने कहा कि प्रस्तावित मुंबई मार्च से पहले सरकार के पास इस मुद्दे का समाधान करने के लिए अभी आठ दिन हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो उनके समर्थक कुछ मंत्रियों को राजनीतिक रूप से चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बनाए रखने पर जोर दिया।
जरांगे ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह 15 सितंबर को समर्थकों के साथ अंतरवाली सराटी से मुंबई के लिए रवाना होंगे। उन्होंने कहा कि वह 19 सितंबर को मुंबई पहुंचकर सुबह 10 बजे आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
उन्होंने बताया कि आंदोलन की अनुमति के लिए आवेदन किया गया है और सरकार प्रदर्शन को लेकर कुछ शर्तें लगा सकती है। जरांगे ने कहा कि उन्हें कानून और न्यायपालिका पर भरोसा है।
जरांगे ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कुछ मराठा विधायक उनके समर्थकों को फोन कर मुंबई मार्च में शामिल नहीं होने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च के दौरान उन्हें निशाना बनाने की योजना है।
उन्होंने समर्थकों से कहा कि जो लोग डरते हैं, वे मार्च में शामिल न हों। साथ ही भावनात्मक अपील करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें आंदोलन में शामिल होना चाहिए और जरूरत पड़ने पर उनकी अंतिम यात्रा में भी शामिल होना चाहिए।
जरांगे की प्रमुख मांगों में पुराने रिकॉर्ड और गजट दस्तावेजों के आधार पर मराठों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में कुनबी समुदाय को मिलने वाले आरक्षण का लाभ देने संबंधी शासनादेश जारी करना शामिल है। ओबीसी संगठनों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि मराठों को ओबीसी कोटे में शामिल करने से मौजूदा लाभार्थियों के आरक्षण पर असर पड़ेगा।
जरांगे ने कहा कि उन्होंने पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भरोसा किया था। जनवरी 2024 में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सरकार द्वारा शासनादेश जारी किए जाने के बाद वह नवी मुंबई के वाशी से वापस लौट गए थे। हालांकि, अब उन्होंने मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है।
प्रस्तावित मार्च 14 से 25 सितंबर तक चलने वाले गणपति उत्सव के दौरान निकाला जाएगा। जरांगे ने इसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन बताते हुए मराठा समुदाय से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने दोहराया कि 15 सितंबर को मुंबई के लिए रवाना होकर 19 सितंबर से आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू करेंगे।