दुबई : दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस को हैक कर लिया गया। यह इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो हैकिंग है। साइबर हमलावरों ने मात्र 20 मिनट में बाइनेंस के ट्रांजैक्शन वॉलेट्स से 6.3 बिलियन डॉलर की क्रिप्टो करेंसी चुरा ली। इसे भारतीय मुद्रा में बदला जाए तो यह रकम लगभग 59,900 करोड़ रुपये यानी 5 खरब, 99 अरब रुपये बनती है। हालांकि कंपनी ने आश्वासन दिया है कि ट्रेडर्स का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। क्रिप्टोकरेंसी एक तरह का डिजिटल पैसा है, जिसे ऑनलाइन खरीदा-बेचा जा सकता है। इसे कोई सरकार या बैंक जारी नहीं करता, बल्कि यह ब्लॉकचेन तकनीक से चलता है।
साइबर चोरी की सूचना मिलते ही कंपनी ने निकासी पर रोक लगा दी है। सुरक्षा जांच पूरी होने तक बाइनेंस अकाउंट में मौजूद पैसा या क्रिप्टो बाहर नहीं निकाला जा सकता। घटना के बाद बिटकॉइन समेत कुछ अन्य क्रिप्टो में 5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। ब्लॉकचेन रिसर्च फर्म TRM लैब्स के मुताबिक इस हैकिंग के पीछे नॉर्थ कोरिया का हाथ है।
शुरुआती जांच के अनुसार साइबर अपराधियों ने कंपनी के डेवलपर इंजीनियर के लैपटॉप में सेंध लगाई और उसके जरिये कंपनी के सर्वर तक अपनी पहुंच बनाई। इसके बाद उन्होंने बड़ी मात्रा में पेआउट ऑर्डर यानी पैसा निकालने के आदेश डाल दिए। इससे लगभग 6.3 बिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी अज्ञात खातों में जाने लगी।