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SIR : सुप्रीम कोर्ट का लोगों को राहत देने वाला एक बड़ा आदेश

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में पहचान सत्यापन के लिए कक्षा 10 के प्रवेश पत्र को उत्तीर्ण होने के प्रमाणपत्र के साथ लगाया जा सकता है।

Narendra Kumar Singh

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में पहचान सत्यापन के लिए कक्षा 10 के प्रवेश पत्र को उत्तीर्ण होने के प्रमाणपत्र के साथ लगाया जा सकता है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस नायडू द्वारा मामले का उल्लेख किए जाने के बाद आदेश पारित किया। अधिवक्ता ने इस बारे में चिंता जताई थी कि क्या इस तरह के प्रवेश पत्रों को अपने आप में पूर्ण पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह पहले ही निर्देश दे चुकी है कि प्रवेश पत्र केवल पूरक दस्तावेज होगा।

पीठ ने कहा, ‘‘24 फरवरी, 2026 के आदेश के अनुच्छेद 3(3) में उल्लिखित सभी दस्तावेज, जो अब तक अपलोड नहीं किए गए हैं और 15 फरवरी से पहले प्राप्त हुए हैं, उन्हें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा कल 5 बजे तक पीठासीन न्यायिक अधिकारियों को प्रस्तुत किया जाएगा।’’

उसने कहा, ‘‘इस तरह, अनुच्छेद 3(तीन)(सी) में यह स्पष्ट किया गया कि माध्यमिक (कक्षा 10) के प्रवेश पत्रों को जन्म प्रमाण पत्र और पारिवारिक पहचान के रूप में उत्तीर्ण प्रमाण पत्र के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है।’’

उच्चतम न्यायालय ने राज्य में जारी एसआईआर प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाये जाने की आशंका से संबंधित 80 लाख दावों और आपत्तियों को निपटाने के लिए मंगलवार को पश्चिम बंगाल के 250 जिला न्यायाधीशों के साथ-साथ झारखंड और ओडिशा से न्यायिक अधिकारियों को तैनात करने की अनुमति दी।

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