उपायुक्त ने मादक पदार्थ नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश दिये
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : दक्षिण अंडमान के उपायुक्त ने 28 जनवरी 2026 को उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) समिति की बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य 3 नवंबर 2025 को आयोजित पिछली एनसीओआरडी बैठक में लिए गए निर्णयों और जारी निर्देशों की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा करना था।
बैठक में प्रवर्तन और अनुपालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और जहां भी कमियां पाई जाएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में मानस–1933 राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के प्रभावी उपयोग और इसके संबंध में जनजागरूकता बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि हेल्पलाइन का सही और समय पर उपयोग नशा रोकने और प्रभावित व्यक्तियों को सहायता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इसके अलावा, बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। विभागों को भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से सक्रिय सहभागिता और शपथ लेने के लिए प्रेरित किया गया। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को एनडीपीएस अधिनियम और संबंधित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने, मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की त्वरित रिपोर्टिंग और प्रभावी अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मादक पदार्थों की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए समन्वित, सक्रिय और सतत प्रयासों, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभियानों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे समाज में नशा विरोधी संदेश और जागरूकता कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दें।
बैठक में शामिल अधिकारियों ने एनसीओआरडी समिति के माध्यम से जिले में मादक पदार्थ नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों का मूल्यांकन किया और आगामी रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सतत निगरानी, विभागों के बीच सहयोग और जागरूकता अभियान जिले में नशा मुक्त समाज बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
इस बैठक के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि मादक पदार्थों के खिलाफ कड़े कदम उठाना, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।