इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उनकी सरकार अमेरिका से दूरी बना रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ इटली का संबंध बराबरी और साझेदारी पर आधारित है, न कि किसी के सामने झुकने पर।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि फ्रांस के एवियन में हुए G7 Summit 2026 के दौरान मेलोनी ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए कई बार अनुरोध किया था। ट्रंप ने यह भी कहा था कि मेलोनी अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए ऐसा कर रही थीं।
एक इटैलियन न्यूज आउटलेट को दिए इंटरव्यू में मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिका विरोधी नहीं है, लेकिन वह किसी के सामने झुकने वाली भी नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मैं न पहले झुकी हूं और न आगे झुकूंगी।"
मेलोनी ने कहा कि पश्चिमी देश तभी मजबूत रह सकते हैं जब वे एकजुट रहें। उनके मुताबिक मजबूत रिश्ते आपसी सम्मान और स्पष्ट बातचीत पर टिके होते हैं।
ट्रंप के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मेलोनी ने कहा कि इस तरह के व्यक्तिगत हमलों का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने साफ किया कि उनकी लोकप्रियता किसी विदेशी नेता के साथ संबंधों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इटली के हितों की रक्षा करने की उनकी क्षमता पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि इटली एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है और वह हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देंगी। मेलोनी ने अमेरिका के साथ सैन्य समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि इटली में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से जुड़े समझौतों का सम्मान किया जाएगा।
इस विवाद के बीच इटली के विदेश मंत्री Antonio Tajani ने अपना अमेरिका दौरा रद्द कर दिया। हालांकि मेलोनी ने दोहराया कि इटली और अमेरिका के बीच संबंध मजबूत हैं और दोनों देशों की साझेदारी आगे भी जारी रहेगी।