सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल के नये राज्यपाल आर एन रवि ने राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए जनता की अत्यंत निष्ठा के साथ सेवा करने का संकल्प व्यक्त किया। राज्यपाल ने ने अपनी पत्नी लक्ष्मी रवि के साथ कालीघाट मंदिर में मां काली के दर्शन किये। पूजा-अर्चना करते बंगाल के लोगों के कल्याण और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
रवि ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता की सेवा करने का अवसर पाकर मैं अत्यंत धन्य और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह महान भूमि हजारों वर्षों से भारत की आध्यात्मिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक राजधानी रही है।
अपने संदेश में राज्य के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह “वह भूमि है जहां वेदों का शाश्वत ज्ञान फला-फूला, जहां गौतम बुद्ध की शिक्षाओं को नयी अभिव्यक्ति मिली और जहां भक्ति की महान परंपरा विकसित हुई।” रवि ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पश्चिम बंगाल की महत्वपूर्ण भूमिका का भी जिक्र किया और चैतन्य महाप्रभु, स्वामी विवेकानंद, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रवींद्रनाथ ठाकुर, श्री अरबिंदो, सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी हस्तियों का संदर्भ दिया। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा, “मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करता हूं कि वह मुझे इस भूमि के लोगों की अत्यंत निष्ठा के साथ सेवा करने के लिए ज्ञान और शक्ति प्रदान करें।”