नयी दिल्ली : इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली (IFFD) 2026 के दौरान आयोजित फैशन शो ‘द लूम एंड द लेंस: वीविंग स्टोरीज़, फ्रेमिंग लेगेसी’ ने हैंडलूम और सिनेमा के अनूठे संगम के जरिए दर्शकों को आकर्षित किया। दिल्ली पर्यटन, भारत सरकार के विकास आयुक्त (हैंडलूम ) के संयुक्त तत्वावधान में भारत मंडपम में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल दिल्ली को परंपरा और आधुनिक रचनात्मकता के संगम के रूप में प्रस्तुत करती है। उन्होंने हैंडलूम और सिनेमा को भारत की दो सशक्त कहानी कहने वाली परंपराएं बताते हुए साड़ी को उनकी साझी पहचान का प्रतीक बताया। दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि एक वैश्विक सांस्कृतिक मंच के रूप में उभर रहा है और ऐसे आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे देश भर के बुनकरों और कारीगरों को नई पहचान और अवसर मिलते हैं।
फैशन शो को तीन हिस्सों में प्रस्तुत किया गया। ‘हैंडलूम टू सिल्वर स्क्रीन’ में फिल्मों में साड़ी की लोकप्रियता को दिखाया गया, जबकि ‘फ्रॉम द वीवर्स ऑफ इंडिया’ में देश के विभिन्न राज्यों की हैंडलूम परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। ग्रैंड फिनाले ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत – वंदे मातरम’ को समर्पित रहा, जिसमें पारंपरिक कला से सजी हस्त चित्रित साड़ियों के जरिए राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।
विकास आयुक्त (हैंडलूम) डॉ. एम. बीना ने इस पहल को सराहनीय बताया फैशन डायरेक्टर संदीश नवलेखा के निर्देशन में प्रस्तुत यह शो एक प्रमुख आकर्षण रहा, जिसे दर्शकों और गणमान्य अतिथियों ने खूब सराहा।