सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कभी घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली और भाजपा के टिकट पर विधायक बनीं कलिता माझी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। घर की आमदनी बढ़ाने के लिए कलिता माझी एक समय लोगों के घरों में काम करती रही हैं जिसका मेहनताना मात्र ढाई हजार रुपये मिलते थे लेकिन वे किसी भी काम को छाेटा नहीं समझती रही। अब उसी कलिता ने राजनीति में एक नयी कहानी लिख दी और मंत्रालय तक पहुंच गयीं। पूर्व बर्दवान जिले में आउषग्राम सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली कलिता माझी (37) ने हालिया विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर सभी को हतप्रभ कर दिया।
आसान नहीं था यहां तक का सफर
माझी के लिए मंत्री पद उस यात्रा में मील का एक पत्थर है जो गुस्करा के मझपुकुर पारा में शुरू हुई, जहां उन्होंने वर्षों तक राजनीतिक गतिविधियों और घरेलू काम के बीच संतुलन बिठाया।कलिता ने यहां लोक भवन में शपथ लेने के बाद सन्मार्ग से खास बातचीत में कहा कि आज जनता की जीत हुई है और मैं उनके भरोसे को कायम रखूंगी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा जीवन इस तरह से बदल जाएगा। मुझ पर विश्वास करने और मुझे हर स्तर पर अवसर देने के लिए मैं अपनी पार्टी की आभारी हूं। उन्होंने कहा, ‘मैंने आम लोगों के संघर्ष को बहुत करीब से देखा है। मेरी प्राथमिकता बेहतर सड़कें, पेयजल सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। विकास हर घर तक पहुंचना चाहिए, खासकर उन लोगों तक जो वर्षों से उपेक्षित रहे हैं।’
आर्थिक तंगी के बावजूद लोगों के साथ खड़े रहने की इच्छा ही उन्हें राजनीति में लेकर आई। करीब सात साल तक राजनीति में सक्रिय रहने के बाद 2021 में बीजेपी ने पहली बार उन्हें विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया था। उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन उनकी इच्छाशक्ति नहीं हारी और कलिता ने पार्टी नहीं छोड़ी। पिछले पांच वर्षों तक वह संगठन के साथ लगातार जुड़ी रहीं। लोगों के साथ मजबूती से खड़ी रहीं। इसी भरोसे के दम पर बीजेपी ने इस बार फिर उन्हें टिकट दिया और कलिता को उनकी मेहनत का फल मिला है।