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हरिनगर बिलीग्राउंड में चौथा किसान मेला उद्घाटित

किसानों और सांस्कृतिक उत्साह का दिखा संगम

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : सोमवार को हरिनगर (बिलीग्राउंड) में चौथा किसान मेला आयोजित किया गया, जिसका औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि कृष्ण चैतन्य, एडीएम एवं सहायक आयुक्त, मुख्यालय, उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला ने किया। उद्घाटन समारोह में रेंजर मनजीत सिंह भोर्रा, विद्युत विभाग के एई कालिदास विश्वास और प्रख्यात किसान अशोक सरकार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की भी उपस्थिति रही। उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक फीता काटकर की गई और इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन कर कृषि समुदाय को समर्पित इस महत्वपूर्ण आयोजन का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने मेले में स्थापित विभिन्न सरकारी स्टॉलों का निरीक्षण किया, जहां कृषि से संबंधित नवीन तकनीक, उपकरण और संसाधनों का प्रदर्शन किया गया। किसानों को खेती के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरित करने वाले स्टॉलों ने उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। किसान मेला समिति द्वारा क्षेत्र के कई सम्मानित किसानों को उनके समर्पण और मेहनत के लिए “किसान मेला बैज” प्रदान कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि कृष्ण चैतन्य ने किसानों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें खेती के क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और किसान मेला समिति हमेशा किसानों के विकास और कृषि प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कार्यक्रम के दौरान आसपास के स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने मेले में उत्साह और सामुदायिक भावना का माहौल पैदा किया। नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया और बच्चों ने अपनी प्रतिभा से समारोह को और अधिक जीवंत बना दिया।

चौथा किसान मेला न केवल कृषि तकनीकों और संसाधनों के प्रदर्शन का अवसर बना, बल्कि यह स्थानीय प्रशासन और किसान समुदाय के बीच सहयोग, उत्साह और सांस्कृतिक सहभागिता का प्रतीक भी साबित हुआ। यह आयोजन स्थानीय किसानों को नये अवसरों और तकनीकी जानकारी से अवगत कराने के साथ-साथ उन्हें सम्मानित करने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का सफल माध्यम रहा।

हरिनगर किसान मेला स्थानीय कृषि और सांस्कृतिक परंपराओं का समन्वय और किसानों के प्रयासों की सराहना का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

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