फिल्म के एक दृश्य में मनोज बाजपेयी।  
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फिल्म 'घूसखोर पंडत' का नाम अब कुछ और होगा

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडत' के खिलाफ दायर याचिका का निपटारा कर दिया, क्योंकि फिल्म निर्माता नीरज पांडे ने अदालत को सूचित किया था कि उन्होंने फिल्म का शीर्षक और सभी प्रचार सामग्री वापस ले ली है।

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडत' के खिलाफ दायर याचिका का निपटारा कर दिया, क्योंकि फिल्म निर्माता नीरज पांडे ने अदालत को सूचित किया था कि उन्होंने फिल्म का शीर्षक और सभी प्रचार सामग्री वापस ले ली है।

न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां की पीठ ने पांडे के हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेने के बाद याचिका का निपटारा किया और उम्मीद जताई कि इस विवाद का हर तरह से अंत हो जाएगा। पांडे ने अपने हलफनामे में कहा कि मनोज बाजपेयी अभिनीत फिल्म का नया शीर्षक अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन यह पहले वाले नाम से मिलता-जुलता नहीं होगा।

फिल्म निर्माता ने कहा, ‘‘हालांकि नये शीर्षक को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है, मैं यह आश्वासन देता हूं कि भविष्य में जो भी शीर्षक चुना और अपनाया जाएगा, वह उस पहले शीर्षक के समान या उससे मिलता-जुलता नहीं होगा, जिसके संबंध में आपत्तियां उठाई गई थीं और वह कहानी को सटीक रूप से प्रतिबिंबित करेगा।"

उच्चतम न्यायालय ने 12 फरवरी को पांडे को उनकी फिल्म के शीर्षक को लेकर फटकार लगायी थी और कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर समाज के किसी वर्ग को अपमानित नहीं किया जा सकता। उच्चतम न्यायालय नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

गौरतलब है कि घुसखोर पंडत को लेकर सोशल मीडिया से लेकर कोर्ट तक खूब हल्ला मचा था। इसके बाद नीरज पांडे फिल्म का नाम बदलने को तैयार हो गये थे। नेटफ्लिक्स से फिल्म के ट्रेलर को भी हटा लिया गया था।

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