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अभिभाषण के दौरान विपक्ष का रवैया देश माफ नहीं करेगा: किरेन रिजिजू

बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के हंगामे को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।

अंजलि भाटिया

नई दिल्लीः बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के हंगामे को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय विपक्षी दलों का व्यवहार शर्मनाक था और देश कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों को इसके लिए कभी माफ नहीं करेगा।

संसद भवन परिसर में अपने कक्ष में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रिजिजू ने कहा कि जब राष्ट्रपति अपने संबोधन में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का उल्लेख कर रही थीं और इसके रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि दी जा रही थी, उसी समय विपक्षी सदस्य हंगामा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी तरह गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान दिवस का जिक्र आने पर भी विपक्ष ने शोर-शराबा किया।

रिजिजू ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में जब बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की 150वीं जयंती, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती, भारत रत्न भूपेन हजारिका के शताब्दी वर्ष और बिरसा मुंडा जैसे महापुरुषों का उल्लेख किया गया, तब भी विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी कर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई।

उन्होंने कहा, “महापुरुषों के नाम आते ही जिस तरह से नारे लगाए गए और उनका अपमान किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि देश विपक्ष के इस रवैये को कभी माफ नहीं करेगा।”

इस मुद्दे पर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी विपक्ष की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बजट सत्र की शुरुआत पर राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने बार-बार संसदीय मर्यादाओं को तोड़ा। नड्डा ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन को वंदे मातरम, बंकिम चंद्र चटर्जी और पश्चिम बंगाल की धरती से इतनी नफरत क्यों है। उन्होंने यह भी कहा कि हैरानी की बात है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्ष के इस हंगामे में शामिल रही।

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