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तेलंगाना तक फैला है मासूमों की खरीद-फरोख्त का जाल, दो और गिरफ्तार !

सासन में बच्चा चोरी कांड में पुलिस को मिली कामयाबी

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात : बारासात के सासन थाना इलाके में सामने आए सनसनीखेज 'शिशु तस्करी चक्र' (Child Trafficking Racket) के तार अब दूसरे राज्यों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए तेलंगाना से एक मासूम बच्ची को सुरक्षित बचा लिया है और इस गिरोह में शामिल दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

आंध्र और तेलंगाना से जुड़े गिरोह के तार

मामले की जांच कर रही पुलिस ने सबसे पहले इस पूरे रैकेट की 'मास्टरमाइंड' मानी जा रही शिवा नायक नामक महिला को आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया था। शिवा से हुई कड़ी पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांचकर्ताओं को पता चला कि शिवा ने इस बच्ची को तेलंगाना के रहने वाले एक निसंतान व्यक्ति पी. येल्लाह को बेच दिया था।

शिवा नायक ने बच्ची का सौदा 3 लाख रुपये में किया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पी. येल्लाह को भी गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से बच्ची को बरामद किया। सोमवार को पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर इन दोनों अभियुक्तों और बरामद बच्ची को लेकर वापस सासन पहुँची।

अभाव में पिता ने ही बेच दी अपनी १० माह की बच्ची

इस मामले की पृष्ठभूमि बेहद दुखद और हैरान करने वाली है। घटना की शुरुआत बारासात २ नंबर ब्लॉक के दादपुर पंचायत के बहिरा कालीबाड़ी इलाके से हुई। यहां के निवासी रॉबिन पासवान उर्फ बूढ़ो और उसकी पत्नी टोटोन सरकार पर आरोप है कि उन्होंने गरीबी और आर्थिक तंगी का हवाला देकर अपनी महज 10 महीने की मासूम बेटी को बेच दिया।

इस सौदे में बिचौलिए की भूमिका सोनाली साहा उर्फ जासमीना बीबी ने निभाई थी, जो दत्तोपुकुर के बामनगाछी इलाके की निवासी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस दलाल के माध्यम से आरोपी दंपत्ति ने अपनी बच्ची को बेचने के बदले मात्र 50 हजार रुपये लिए थे।

प्रशासनिक सक्रियता से हुआ भंडाफोड़

लगभग चार महीने पहले हुई इस घटना की भनक बारासात २ नंबर ब्लॉक के चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO) को लगी। गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी की पुष्टि करने के बाद, उन्होंने सासन थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 27 जनवरी को आरोपी दंपत्ति (रॉबिन और टोटोन) और दलाल सोनाली को गिरफ्तार कर लिया। इन तीनों से पूछताछ के बाद ही आंध्र और तेलंगाना के लिंक का पता चला। अब इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 5 हो गई है।

बच्ची की स्थिति और पुलिस का बयान

बच्ची को सुरक्षित बरामद करने के बाद उसका गहन स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। बारासात जिला पुलिस की पुलिस अधीक्षक (SP) प्रतीक्षा झारखारिया ने बताया, "बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। हमारी जांच अभी जारी है और इस गिरोह में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए हम कई कड़ियों को जोड़ रहे हैं। इस अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"

इस घटना ने एक बार फिर सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय बच्चा चोर गिरोहों और गरीबी के कारण होने वाली तस्करी की भयावहता को उजागर कर दिया है।

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