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जूट मिल के परित्यक्त शौचालय के टैंक से किशोर का शव बरामद, इलाके में सनसनी

जूट मिल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हालीशहर : हालीशहर नगरपालिका अंतर्गत 19 नंबर वार्ड के मैला डिपो इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हुकुमचंद जूट मिल के एक परित्यक्त शौचालय के टैंक से 12 वर्षीय बालक का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान पवन यादव के रूप में हुई है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है।

शाम से लापता था बालक

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जूट मिल के कच्चे लाइन इलाके का निवासी पवन यादव बुधवार को घर से बाहर निकला था, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। अंततः संदेह होने पर इलाके के परित्यक्त शौचालय के पास तलाशी ली गई, जहाँ टैंक के भीतर पवन के होने की आशंका गहरा गई। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को दी गई।

पुलिस और दमकल की मशक्कत

सूचना पाकर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा और टैंक की जर्जर स्थिति के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने टैंक के भीतर से पवन का निर्जीव शरीर बाहर निकाला। बालक की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रबंधन की लापरवाही और नशेड़ियों का अड्डा

इस घटना को लेकर स्थानीय पार्षद अशोक यादव ने जूट मिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि जूट मिल का वह हिस्सा वर्षों से असुरक्षित और परित्यक्त अवस्था में पड़ा है। उन्होंने कहा कि पहले मिल परिसर में सुरक्षा गार्ड तैनात रहते थे, लेकिन अब वहाँ कोई सुरक्षाकर्मी नहीं रहता। मिल की बाउंड्री वॉल कई जगहों से टूटी हुई है, जिससे कोई भी आसानी से अंदर चला जाता है। आरोप यह भी है कि रात के अंधेरे में उक्त परित्यक्त स्थल पर नशेड़ियों का जमावड़ा लगता है। पार्षद के अनुसार, मिल अधिकारियों को कई बार इस खतरे के बारे में लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन प्रबंधन ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह महज एक दुर्घटना है या इसके पीछे कोई साजिश है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जूट मिल प्रबंधन को इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए और जल्द से जल्द असुरक्षित टैंकों और टूटी दीवारों की मरम्मत कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी अनहोनी को रोका जा सके।

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