सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : बिलीग्राउंड सिटीजन फोरम ने उत्तर एवं मध्य अंडमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-4 (एनएच-4) पर निर्माण कार्य लंबे समय से शुरू न होने को लेकर जिला प्रशासन को अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है। फोरम ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल और चक्का जाम किया जाएगा। उपायुक्त, उत्तर एवं मध्य अंडमान को संबोधित औपचारिक पत्र में फोरम ने बताया कि बिलीग्राउंड में एक महत्वपूर्ण जनसभा आयोजित की गई, जिसमें हरिनगर, स्वदेशनगर, बसंतपुर और शिवापुरम ग्राम पंचायतों के निवासियों ने भारी संख्या में भाग लिया और सर्वसम्मति से समर्थन दिया। बैठक में कई लंबे समय से लंबित नागरिक समस्याओं पर चर्चा हुई, जिसमें थोरकटांग से पानीघाट ब्रिज (ऑस्टिन क्रीक) तक एनएच-4 की बदहाल स्थिति प्रमुख मुद्दा रही। फोरम के अनुसार सड़क की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है, जिससे जनसुरक्षा, दैनिक जीवन, संपर्क, आवश्यक सेवाओं तक पहुंच और क्षेत्रीय विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सड़क निर्माण में लगातार हो रही देरी के कारण आम नागरिकों, यात्रियों, मरीजों, छात्रों और परिवहन से जुड़े लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। फोरम ने आरोप लगाया कि ब्लैकटॉप सड़क निर्माण कार्य में लगातार लापरवाही, अनुचित विलंब और अनियमितताएं हो रही हैं। पिछले आठ वर्षों में कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
बार-बार आश्वासन दिए गए, लेकिन कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं रहींं। अंतिम लोकतांत्रिक कदम के रूप में सिटीजन फोरम बिलीग्राउंड ने घोषणा की है कि 21 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जो तब तक जारी रहेगा जब तक एनएचडीसीएल द्वारा ब्लैकटॉप सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाता। फोरम ने थोरकटांग–पानीघाट ब्रिज खंड पर प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कार्य शुरू करने की मांग को गैर-समझौतावादी बताया है। फोरम ने सड़क कार्य की प्रगति, अब तक जारी धनराशि और विभिन्न स्थलों पर उपलब्ध निर्माण सामग्री से संबंधित अभिलेख सार्वजनिक करने की भी मांग की है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की चर्चा केवल कार्यकारी निदेशक स्तर से नीचे नहीं और एनएचडीसीएल के महाप्रबंधक की उपस्थिति में ही की जाएगी। फोरम ने चेतावनी दी कि आंदोलन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अहिंसक रहेगा, लेकिन दृढ़ और निरंतर होगा। यह पत्र व्यापक जनहित में अंतिम सूचना के रूप में जारी किया गया है।