नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में 2020 दिल्ली दंगें की हो रहीं सुनवाई के बीच में पुलिस ने शुक्रवार को अदालत को बताया कि दिल्ली में हुए दंगे अचानक नहीं भड़के थे, बल्कि कई महीनों की प्लानिंग के बाद इसे दिल्ली में अंजाम दिया गया था। CAA के विरोध के नाम पर दंगों के लिए पैसे जुटाए गए थे। अदालत में पुलिस ने यह भी दावा किया कि बैठकों में पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से काटने की भी साजिश रची गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को जज को वह वीडियो भी दिखाया जिसमें शरजील इमाम सिलीगुड़ी कारिडोर को काटकर भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से काटने की बात कह रहा था।
पचिम बंगाल स्थित सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे “चिकन नेक” भी कहते हैं, लगभग 20-22 किलोमीटर चौड़ा है और यह भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है। इसके बगल में नेपाल, बांग्लादेश और भूटान देश स्थित हैं। सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच कर रही थी। कोर्ट में एक और वीडियो भी दिखाया गया जिसमें भीड़ हाथों में डंडे लेकर चलते दिखाई दे रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अब अगली सुनवाई सोमवार दोपहर बाद के लिए तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब मामले की सुनवाई सोमवार दोपहर बाद होगी।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सबसे पहले प्रोटेक्टेड गवाहों की गवाही सुनी जाएगी। जजों ने कहा- पुलिस जिन दस्तावेजों और चैट्स का हवाला दे रही है, उन्हें पहले रिकॉर्ड पर रखा जाए, ताकि कोर्ट उन्हें देखकर आगे सुनवाई आगे बढ़ा सके। बेंच ने कहा कि जमानत पर कोई फैसला लेने से पहले सभी आरोपियों की भूमिका, पुलिस की दलीलें और पेश किए गए दस्तावेजों को विस्तार से देखा जाएगा। कोर्ट ने 20,000 पेज की चार्जशीट और नए दाखिल दस्तावेजों पर भी स्पष्टता मांगी है।