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वोटर लिस्ट से नाम कटने पर बीएलओ को ग्रामीणों ने घेरा, पुलिस ने सुरक्षित निकाला

मालदा के बाद अब गायघाटा में बवाल

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

उत्तर 24 परगना: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 206 से पहले मतदाता सूची को लेकर उपजा विवाद अब हिंसक रूप लेने लगा है। मालदा के मोथाबाड़ी की घटना के बाद अब उत्तर 24 परगना के गायघाटा (Gaighata) इलाके में भारी तनाव देखा गया। यहाँ के पांचशिला इलाके में वोटर लिस्ट से नाम कटने से नाराज ग्रामीणों ने एक महिला बीएलओ (BLO) को बंधक बना लिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर बीएलओ को सुरक्षित बाहर निकाला।

घटना शुक्रवार शाम की है जब पेशे से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बीएलओ की जिम्मेदारी संभाल रही नमिता दास अपना काम खत्म कर घर लौट रही थीं। नमिता के बूथ पर कुल 872 मतदाता हैं। हाल ही में जारी हुई सप्लीमेंट्री लिस्ट में कई मतदाताओं के नाम गायब थे, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में पहले से ही काफी गुस्सा था। जैसे ही नमिता रास्ते से गुजरीं, दर्जनों लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनसे नाम कटने का कारण पूछते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

रिश्वत के आरोप और बीएलओ की सुरक्षा पर सवाल

प्रदर्शनकारियों ने बीएलओ नमिता दास पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का दावा है कि बीएलओ की लापरवाही के कारण उनके नाम काटे गए हैं और कुछ लोगों ने तो यहाँ तक आरोप लगाया कि पैसों के लेनदेन के आधार पर नामों में हेरफेर की गई है। इस अचानक हुए घेराव से महिला बीएलओ बुरी तरह डर गईं और उन्होंने तुरंत मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों (AERO) को दी। खबर मिलते ही गायघाटा थाने की पुलिस मौके पर पहुँची और आक्रोशित भीड़ को समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला।

पुलिस की कार्रवाई और इलाके में तनाव

पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि एक महिला बीएलओ को कुछ लोगों ने घेर रखा है और माहौल बिगड़ रहा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी तोड़कर नमिता दास को वहां से सुरक्षित निकाला। हालांकि पुलिस का दावा है कि अब मामला शांत है, लेकिन इस घटना के बाद से पूरे पांचशिला इलाके में काफी सन्नाटा और दहशत का माहौल है। चुनाव आयोग की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के तहत चल रहे इस कार्य में बीएलओ की सुरक्षा अब एक बड़ा सवाल बनकर उभरी है।

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