तेल अवीव में गुरुवार को जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जैसा कि AFP ने अपने संवाददाता के हवाले से बताया। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के 20वें दिन पूरे क्षेत्र में हमलों में तेजी देखी गई, जबकि हिंसा कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें सऊदी अरब के लाल सागर किनारे स्थित एक रिफाइनरी, कतर के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) संयंत्र और कुवैत की दो तेल रिफाइनरियां प्रभावित हुईं, जिनमें आग लगने की घटनाएं सामने आईं।
इन हमलों के बीच सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने संकेत दिया है कि देश सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। रियाद में क्षेत्रीय विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि सऊदी अरब पर दबाव डालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह दबाव उल्टा पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्प का उपयोग करने का अधिकार सुरक्षित रखा गया है।
लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने मध्य पूर्व में तनाव को और गहरा कर दिया है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।