मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी के लगभग 100 शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वाइस-चांसलर के कार्यालय के समक्ष लगभग पांच घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों का मुख्य गुस्सा 6 अगस्त को होने वाली एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक को अचानक 1 अगस्त को टाल दिए जाने की वजह से था। शिक्षक संगठन JUTA की प्रमुख मांग थी कि शिक्षकों के करियर प्रमोशन, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी लागू करने, पोस्ट-ग्रेजुएट एडमिशन और नई नियुक्तियों जैसे आवश्यक मुद्दों पर चर्चा के लिए एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक तुरंत बुलाई जाए। दोपहर में ज्ञापन सौंपने के बाद शिक्षक रात तक अपनी मांगों को लेकर वहीं डटे रहे। आखिर में वाइस-चांसलर ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच आने वाले प्रमोशनों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक बुलाने की तुरंत आवश्यकता के संबंध में चांसलर (गवर्नर) और राज्य के हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट को पत्र लिखकर सलाह मांगी। वाइस-चांसलर से सकारात्मक समर्थन का भरोसा मिलने और ठोस कदम उठाए जाने के बाद शिक्षकों ने रात करीब 8 बजे अपना धरना समाप्त कर दिया।