मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : महंगाई भत्ते (DA) के बकाया भुगतान की मांग को लेकर राज्य के शिक्षक संगठनों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में वामपंथी शिक्षक संगठनों ने मंगलवार को विकास भवन में चक्का जाम करने का ऐलान किया है। संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में दायर ‘मॉडिफिकेशन पिटीशन’ के जरिए शिक्षकों को बकाया DA के दायरे से बाहर करने की कोशिश कर रही है। शिक्षक और शिक्षा कर्मी संगठनों के अनुसार, मंगलवार दोपहर को कार्यकर्ता साल्ट लेक स्थित सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास इकट्ठा हुए जहां पहले एक विरोध सभा आयोजित की गई उसके बाद विकास भवन तक मार्च निकालकर चक्का जाम किया गया। संगठनों का दावा है कि उन्हें बकाया DA से जुड़े एक दस्तावेज की जानकारी मिली है। इस दस्तावेज में ग्रुप A, B, C और D के कर्मचारियों तथा पेंशनरों की संख्या दिखाई गई है, लेकिन शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को अलग से सूचीबद्ध नहीं किया गया है। इसी आधार पर शिक्षक संगठनों ने सरकार पर साजिश का आरोप लगाया है।
सरकार पर शिक्षकों के नाम सूची से हटाने का आरोप
बंगाल टीचर्स एंड एजुकेशन वर्कर्स एसोसिएशन के महासचिव स्वपन मंडल ने कहा कि सरकार चालाकी से शिक्षकों के नाम सूची से हटाने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में इसके खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा। वहीं ऑल बंगाल टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव सुजीत दास ने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार अब शिक्षकों को उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिश कर रही है। शिक्षक संगठनों ने 13 मार्च को राज्यव्यापी हड़ताल का भी आह्वान किया है। हालांकि, सत्तारूढ़ दल से जुड़े किसी भी शिक्षक संगठन ने इस मुद्दे पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।