महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS बीपीओ से जुड़े कथित यौन शोषण और धार्मिक दबाव के मामले में जांच एजेंसियों ने नए खुलासे किए हैं। फरार मुख्य आरोपी नीदा खान की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक अजय मिसर ने कोर्ट में कहा कि मामले की गहन जांच के लिए उसकी कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है।
देवलाली पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के मुताबिक, पीड़िता ने आरोप लगाया कि नीदा खान ने उसका नाम बदलकर ‘हनिया’ रखा और उसे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। साथ ही सहकर्मी दानिश शेख पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण और तौसीफ अत्तार पर उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता को नमाज पढ़ने और हिजाब पहनने की ट्रेनिंग दी और मोबाइल में धार्मिक ऐप्स इंस्टॉल कराए। पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने के चलते मामले में SC/ST एक्ट भी जोड़ा गया है।
अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि नीदा खान फरार है। कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा है, जो 2 मई को आ सकता है।