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TCS नासिक केस: आरोपी निदा खान को राहत नहीं, कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

अग्रिम जमानत पर फैसला टला, SIT की टीम आरोपी की तलाश में जुटी

Tata Consultancy Services (TCS) की नासिक इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में आरोपी निदा खान को अदालत से अंतरिम राहत नहीं मिली है।

नासिक की एक अदालत ने गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार करते हुए पुलिस और शिकायतकर्ता को निर्देश दिया है कि वे 27 अप्रैल तक इस मामले में अपना जवाब दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई इसी तारीख को होगी।

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने निदा खान की दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत और अंतरिम राहत की मांग की थी, लेकिन अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के.जी. जोशी ने इस पर तत्काल कोई राहत नहीं दी।

इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने खान की तलाश के लिए महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में अभियान तेज कर दिया है। पुलिस ने इसके लिए तीन टीमें गठित की हैं।

आरोप है कि TCS की नासिक यूनिट में महिला कर्मचारियों के साथ छेड़छाड़, मानसिक उत्पीड़न और जबरन धार्मिक प्रथाएं अपनाने का दबाव बनाया गया। प्राथमिकी के अनुसार, कर्मचारियों पर नमाज पढ़ने, खान-पान बदलने और इस्लामी परंपराओं का पालन करने के लिए दबाव डाला गया।

इस मामले में अब तक एक महिला प्रबंधक समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। दो अन्य आरोपियों को भी हाल ही में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

पुलिस ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया है। हालांकि बचाव पक्ष ने SC/ST एक्ट लागू होने पर सवाल उठाए हैं।

वहीं, TCS ने अपने बयान में कहा है कि कंपनी की नीति किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और इस मामले में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

फिलहाल, इस मामले में अदालत के अगले फैसले और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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