नई दिल्ली : नीट-यूजी 2026 परीक्षा से पहले टेलीग्राम ऐप पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के इस कदम पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पेपर लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने के नाम पर टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चोरों को पकड़ने के बजाय छात्रों की सुविधा पर रोक लगा रही है।
उन्होंने लिखा, “टेलीग्राम पर प्रतिबंध मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा है। यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लगा दो।”
राहुल गांधी ने कहा कि देश के लाखों छात्र टेलीग्राम का इस्तेमाल पढ़ाई, नोट्स, टेस्ट सीरीज और चर्चा के लिए करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों की यह सुविधा बंद करने से पेपर लीक की समस्या कैसे खत्म होगी।
उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह प्रभावी भी नहीं है और पेपर लीक करने वाले लोग इससे बचने के दूसरे तरीके खोज सकते हैं।
दरअसल, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार, नीट-यूजी 2026 परीक्षा से पहले नकल कराने वाले रैकेट और गलत सूचनाओं पर नियंत्रण के लिए भारत में टेलीग्राम के इस्तेमाल पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाई गई है। परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी।
राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सख्ती दिखाने के बजाय पेपर लीक माफिया पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी होगी, सुरक्षा बढ़ाई जाएगी, लेकिन समस्या की असली वजह पर कार्रवाई नहीं की जा रही।
कांग्रेस नेता ने कहा, “मोदी जी, दिखावा छोड़िए। माफिया पर वार कीजिए, छात्र पर नहीं।”
टेलीग्राम प्रतिबंध को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां सरकार इसे परीक्षा में गड़बड़ी रोकने की कोशिश बता रही है, वहीं विपक्ष इसे छात्रों की परेशानी बढ़ाने वाला कदम बता रहा है।