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बंगाल में 125 दिन की रोजगार योजना का लक्ष्य

27.3 करोड़ मानव-रोजगार दिवस सृजन की तैयारी

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार ने चालू वित्त वर्ष के शेष नौ महीनों में 27.2 करोड़ मानव-रोजगार दिवस सृजित करने का लक्ष्य रखा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने सोमवार को विधानसभा में अपने विभाग का बजट पेश करते हुए यह जानकारी दी। राज्य में 1 जुलाई से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G) लागू किया गया है। इसके तहत 125 दिनों की ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना चलाई जा रही है। योजना में न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये तय की गई है। यह योजना 60:40 के वित्तीय मॉडल पर चलेगी, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार प्रदान करेगी। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए योजना का कुल अनुमानित बजट 19,823.7 करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 14,159.8 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 5,663.9 करोड़ रुपये होगा।

दिलीप घोष ने विधानसभा में बताया कि राज्य सरकार पंचायत प्रणाली में सुधार के लिए एक नया विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून के अनुसार पंचायत से जुड़े कार्यों में हस्ताक्षर और आधिकारिक मंजूरी देने की जिम्मेदारी अब पंचायत प्रधानों के बजाय सरकारी अधिकारियों को दी जा सकती है। VB-G RAM G के तहत पंजीकृत परिवारों के रोजगार गारंटी कार्डधारी वयस्क सदस्य ग्राम पंचायत से अकुशल श्रम कार्य की मांग कर सकते हैं। मांग के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं होने पर लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।

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