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मिमी चक्रवर्ती मामले में तनय शास्त्री को मिली जमानत, लेकिन...

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव: अभिनेत्री और पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती के साथ हुए दुर्व्यवहार के चर्चित मामले में नया मोड़ आया है। बनगांव की एक अदालत ने मिमी चक्रवर्ती द्वारा दर्ज कराए गए मामले में आरोपी क्लब पदाधिकारी तनय शास्त्री को जमानत दे दी है। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद तनय शास्त्री की जेल की दीवारें अभी नहीं खुली हैं। पुलिस को परेशान करने और सरकारी काम में बाधा डालने के एक अन्य मामले में न्यायाधीश ने तनय शास्त्री सहित दो अन्य आरोपियों को फिर से चार दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है।

क्या था पूरा मामला?

यह घटना 25 जनवरी की है, जब मिमी चक्रवर्ती बनगांव के नया गोपालगंज में एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। आरोप है कि वहां क्लब के पदाधिकारियों में से एक, तनय शास्त्री ने मिमी चक्रवर्ती के साथ दुर्व्यवहार किया। विवाद इतना बढ़ गया कि अभिनेत्री को मंच से नीचे उतार दिया गया और उनका गायन कार्यक्रम बीच में ही बंद करवा दिया गया। इस अपमानजनक घटना के तुरंत बाद मिमी चक्रवर्ती ने बनगांव थाने में तनय शास्त्री के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

गिरफ्तारी के समय पुलिस से झड़प

जब पुलिस 29 जनवरी को आरोपी तनय शास्त्री को पकड़ने पहुंची, तो स्थानीय स्तर पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इलाके में काफी तनाव फैल गया और पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। अंततः पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद तनय शास्त्री और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान मिमी के साथ बदसलूकी के आरोपों के साथ-साथ पुलिस के काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों को प्रताड़ित करने की नई धाराएं भी जोड़ी गईं।

अदालती कार्यवाही और वर्तमान स्थिति

30 जनवरी को पहली बार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने सात दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बाद की सुनवाई के दौरान पुलिस ने मामले में छेड़छाड़ (शीलभंग) की धाराएं जोड़ने की भी अपील की थी। इसी बीच, अदालत के निर्देश पर मिमी चक्रवर्ती का गुप्त बयान (Secret Statement) भी दर्ज किया गया।

ताजा सुनवाई में न्यायाधीश ने मिमी चक्रवर्ती वाले मामले में तनय को जमानत दे दी है, लेकिन पुलिस पर हमले और सरकारी काम रोकने के गंभीर आरोप के चलते उन्हें 11 फरवरी तक जेल में ही रहना होगा। अब सबकी निगाहें 11 तारीख को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि उन्हें रिहाई मिलती है या हिरासत और बढ़ती है।

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