लाहौरः पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपनी टी20 विश्व कप टीम के दो फरवरी की सुबह कोलंबो रवाना होने का कार्यक्रम तय कर दिया है जिससे टूर्नामेंट या 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले के बहिष्कार की किसी भी संभावना पर लगभग विराम लग गया है। बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सूत्र ने कहा, ‘‘ पीसीबी ने विश्व कप टीम के दो फरवरी की सुबह कोलंबो रवाना होने के लिए पहले ही यात्रा की सभी तैयारियां कर ली हैं।” सूत्र ने बताया कि पीसीबी ने भारत में खेलने को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की ‘सुरक्षा चिंताओं’ पर पूरा समर्थन जताया है, लेकिन आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) में अपनी स्थिति को नुकसान पहुंचाए बिना वह इससे आगे कुछ नहीं कर सकता।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई), पीसीबी और आईसीसी के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता भी है, जिसके तहत 2027 तक आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत-पाकिस्तान के सभी मुकाबले तटस्थ स्थल पर खेले जाएंगे।
बायकॉट की बात सिर्फ अफवाह भर
सूत्र ने कहा, ‘‘ इसमें ध्यान रखने वाली बात यह है कि पाकिस्तान का पूरा विश्व कप कार्यक्रम श्रीलंका में है,यहां तक कि अगर टीम फाइनल में पहुंचती है तो फाइनल भी वहीं खेला जाएगा। ऐसे में वे टूर्नामेंट या भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किस आधार पर करेंगे?” उम्मीद है कि पीसीबी शुक्रवार को अपनी भागीदारी की औपचारिक पुष्टि कर देगा।
मीडिया के कुछ हिस्सों में अटकलें लगाई जा रही थीं कि पाकिस्तान टूर्नामेंट से हट सकता है या भारत के खिलाफ खेलने से इनकार कर सकता है। एक अंदरूनी सूत्र ने हालांकि इन खबरों को महज अफवाह बताया।
पाकिस्तान में बायकॉट पर सवाल
सूत्र ने कहा, “जब पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की, तो उन्होंने साफ किया कि सभी फैसले पाकिस्तान क्रिकेट के स्थिर और मजबूत भविष्य को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे और आईसीसी व अन्य सदस्य बोर्डों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखे जाएंगे।” उन्होंने कहा कि इन अटकलों में कोई तर्क नहीं है और यह भी नहीं बताया गया कि पीसीबी किस आधार पर विश्व कप छोड़ सकता है या भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार कर सकता है।
सूत्र ने कहा,“भारतीय सरकार ने अपनी टीम को पाकिस्तान में खेलने की अनुमति नहीं दी है, लेकिन एशिया कप स्तर के टूर्नामेंटों या आईसीसी आयोजनों में तटस्थ स्थल पर भारत-पाकिस्तान मैच खेलने पर कोई रोक नहीं है।”
उन्होंने सवाल किया, “जब पाकिस्तान सरकार खुद कहती रही है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए, तो फिर भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार कैसे जायज ठहराया जाएगा?”