नई दिल्लीः अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ( आईसीसी) ने बांग्लादेश की उस मांग को खारिज कर दिया है जिसमें उसने टी20 विश्व कप के अपने मैच भारत से बाहर श्रीलंका में कराने की मांग की थी। आईसीसी ने यह फैसला सदस्य देशों की वोटिंग के जरिये लिया है।
बांग्लादेश को भारत और श्रीलंका के संयुक्त आयोजन में होने वाले टी20 विश्व कप में हिस्सा लेने के लिए आईसीसी ने आजतक का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन बांग्लादेश भारत में नहीं खेलने पर अड़ा था। इसके मद्देनजर आईसीसी ने आज एक वर्चुअल बैठक की जिसमें सभी सदस्य देश के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस बैठक में बांग्लादेश के मुद्दे पर वोटिंग की गई जिसमें 14-2 से प्रस्ताव बांग्लादेश के खिलाफ फैसला लिया गया। आईसीसी ने बांग्लादेश को एक दिन का और समय दिया कि वह भारत में खेलने के लिए फैसला ले नहीं तो उसकी जगह स्कॉटलैंड को टी20 विश्व कप खेलने का मौका दिया जाएगा।
बांग्लादेश का पक्ष केवल पाकिस्तान ने दिया है। पहले ही पाकिस्तान ने आईसीसी को पत्र लिखकर बांग्लादेश की मांग पर विचार करने को कहा था। लेकिन जाहिर अब न तो बांग्लादेश की चली और न ही पाकिस्तान को। बृहस्पतिवार को बांग्लादेश को यह तय करना है कि उसे भारत आना है कि नहीं।
आईसीसी ने कहा सुरक्षा कोई समस्या नहीं
आईसीसी के अनुसार, बोर्ड ने स्वतंत्र मूल्यांकनों सहित कई सुरक्षा आकलन की समीक्षा की, जिनमें से सभी ने निष्कर्ष निकाला कि भारत में टूर्नामेंट के किसी भी स्थल पर बांग्लादेश के खिलाड़ियों, अधिकारियों, मीडियाकर्मियों या प्रशंसकों की सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं था।आईसीसी ने कहा कि अब इतने कम समय में कार्यक्रम में बदलाव करना संभव नहीं है और सुरक्षा जोखिम की पुष्टि न होने पर मैचों में बदलाव करना भविष्य के वैश्विक आयोजनों के लिए एक अवांछनीय मिसाल कायम कर सकता है।
आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘आईसीसी बोर्ड ने गौर किया कि मौजूदा परिस्थितियों में मैचों को स्थानांतरित करने से आईसीसी प्रतियोगिताओं की पवित्रता खतरे में पड़ सकती है और एक वैश्विक शासी निकाय के रूप में संगठन की निष्पक्षता कमजोर हो सकती है।’’ क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने कहा कि उसके प्रबंधन ने पिछले कुछ सप्ताह में बीसीबी के साथ कई बैठकें और पत्राचार किए हैं, जिसमें टूर्नामेंट की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की गई है। इनमें आयोजन स्थल से जुड़ी विशिष्ट योजनाएं और संघीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को शामिल करते हुए स्तरीय सुरक्षा का आश्वासन शामिल था।
बांग्लादेश ने आईसीसी को दी थी धमकी
गौरतलब है कि बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरूल ने मंगलवार को दोहराया था कि उनकी टीम किसी भी हालत में टी20 विश्व कप के लिये भारत नहीं जायेगी। नजरूल ने पत्रकारों से कहा ,‘मुझे जानकारी नहीं है कि हमारी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। अगर आईसीसी भारतीय क्रिकेट बोर्ड के दबाव में आकर बेतुकी शर्ते रखकर हम पर दबाव बनाने की कोशिश करता है तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘पहले भी ऐसा हुआ है कि पाकिस्तान ने कहा कि वे भारत नहीं जायेंगे तो आईसीसी ने वेन्यू बदल दिया। हमने तार्किक आधार पर स्थान बदलने के लिये कहा है और अतार्किक दबाव डालकर हमें भारत में खेलने के लिये बाध्य नहीं किया जा सकता।’
मुस्तफिजुर मामले से संकट की शुरुआत
संकट की शुरुआत बीसीसीआई के निर्देशों पर बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग से बाहर करने के फैसले पर हुई। सुरक्षा चिंताओं और राष्ट्रीय गौरव का हवाला देकर बीसीबी ने टीम भारत नहीं भेजने का फैसला किया है। बीसीबी सारे मैच श्रीलंका में खेलना चाहता है। फिलहाल बांग्लादेश ग्रुप सी में वेस्टइंडीज, इटली, इंग्लैंड और नेपाल के साथ है। बांग्लादेश ने ग्रुप बदलने की भी मांग की थी जिससे उसे भारत नहीं जाना पड़े, लेकिन आईसीसी ने इससे इनकार कर दिया था। आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि टूर्नामेंट के लिए कई सारी तैयारियां हो चुकी हैं और अब इसमें बदलाव करने से काफी सारी दिक्कतें होंगी। इसलिए ग्रुप नहीं बदला जा सकता है। गौरतलब है कि बांग्लादेश को अपना तीन मैच कोलकाता में और एक मैच मुंबई में खेलना है। टी20 विश्व कप सात फरवरी से लेकर आठ मार्च तक खेला जाएगा।