नयी दिल्ली : देशभर में स्वाइन फ्लू फिर से पांव पसारने लगा है। आठ राज्यों में स्वाइन फ्लू यानी ‘एच1एन1 वायरस संक्रमण’ काफी तेजी से बढ़ रहा है। इस साल जनवरी में 16 राज्यों में 516 लोग स्वाइन फ्लू संक्रमण की चपेट में आये थे। वहीं 6 लोगों की मौत इलाज के दौरान हो गयी थी। सबसे ज्यादा 4 लोगों की मौत केरल में हुई और कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश में 1-1 मौतें हुई थीं।
दिल्ली सहित इन राज्यों में बढ़ेगी निगरानी
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र यानी एनसीडीसी की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में हालात काफी गंभीर हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी)ने स्वाइन फ्लू को लेकर तमिलनाडु, पुड्डुचेरि, केरल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, कर्नाटक और दिल्ली में निगरानी बढ़ाने की अपील की गयी है। तमिलनाडु में स्वाइन फ्लू के 209 मामले हैं जबकि कर्नाटक में 76, केरल में 48, जम्मू-कश्मीर में 41, दिल्ली में 40, पुड्डुचेरि में 32, महाराष्ट्र में 21 और गुजरात में 14 मामले पाये गये हैं।
2024 में स्वाइन फ्लू से हुईं 347 मौतें
एनसीडी ने स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि 2024 में 20,414 लोग संक्रमण की चपेट में आये थे, जिनमें 347 की मौत हो गयी थी। वहीं 2019 में सबसे ज्यादा 28,798 मामले दर्ज किये गये थे, जिनमें 1,218 लोगों की मौत हो गयी थी।
एच1एन1 वायरस क्या है?
एच1एन1 एक तरह का इन्फ्लूएंजा वायरस है, जिसे स्वाइन फ्लू भी कहा जाता है पहले ये वायरस सिर्फ सूअरों को प्रभावित करता था लेकिन अब यह मनुष्यों को भी संक्रमित कर रहा है। बुखार, थकान, भूख न लगना, खांसी, गले में खराश, उल्टी और दस्त इस बीमारी के लक्षण हैं यह मरीज के ऊपरी और मध्य श्वसन तंत्र को प्रभावित करता हैकोरोना की तरह इस बीमारी में भी एक से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित करने की क्षमता है।
टास्क फोर्स का गठन
केंद्र ने पहले की तरह ही स्वाइन फ्लू पर तत्काल रिस्पांस के लिए टास्क फोर्स का गठन कर दिया है। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, एनसीडीसी, आईसीएमआर, दिल्ली एम्स, पीजीआई चंडीगढ़, निम्हांस बंगलुरू, विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी विभाग सहित अलग-अलग मंत्रालयों के टॉप अधिकारी शामिल हैं।