हरिद्वार : नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के मुख्य अभियुक्त रहे सुरेंद्र कोली का शव हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में एक चाय के खोखे के अंदर फंदे से लटका हुआ बरामद हुआ है। शुक्रवार सुबह जब स्थानीय लोगों ने खोखे के अंदर कुछ संदिग्ध गतिविधि या स्थिति देखी, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
आत्महत्या की आशंका
शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मानकर चल रही है, हालांकि शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा का कहना है कि पुलिस हर संभावित पहलू और एंगल से इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। मौके से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
गुमनामी में जी रहा था जीवन, चलाता था चाय की दुकान
स्थानीय लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि नोएडा के सनसनीखेज कांड से जुड़ा सुरेंद्र कोली आखिरकार हरिद्वार कैसे पहुंचा? जानकारी के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से भूपतवाला क्षेत्र में ही छिपकर या गुमनाम जिंदगी जी रहा था। अपनी पहचान छिपाकर रहने के दौरान सुरेंद्र कोली ने इलाके में एक छोटी सी चाय की दुकान (खोखा) खोल ली थी और उसी से होने वाली आमदनी से अपना गुजारा कर रहा था। वह पास की ही एक झुग्गी में रह रहा था, जहां किसी को उसकी असलियत का ज्यादा अंदाजा नहीं था।
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से मिला था बरी होने का आदेश
दोषसिद्धि हुई थी खारिज
कानूनी मोर्चे पर सुरेंद्र कोली के लिए राहत की बड़ी खबर नवंबर 2025 में आई थी, जब सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े आखिरी लंबित मामले में भी उसकी दोषसिद्धि को पूरी तरह खारिज कर दिया था।
रिहाई का रास्ता
सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक और कड़े फैसले के बाद ही उसकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ था। बरी होने के बाद वह सामान्य दुनिया से दूर हरिद्वार में गुमनाम जिंदगी बिताने लगा था।
क्या है देश को हिला देने वाला 'निठारी कांड'?
सामने आया था भयावह सच
वर्ष 2006 में नोएडा के सेक्टर-31 स्थित निठारी गांव में एक कोठी (डी-5) के पीछे नाले से भारी मात्रा में बच्चों और महिलाओं के कंकाल व मानव अवशेष बरामद हुए थे।
सनसनीखेज खुलासे
इस अमानवीय और भयानक खुलासे ने देश-दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। मामले में मोनिंदर सिंह पंधेर और उसके घरेलू नौकर सुरेंद्र कोली को अभियुक्त बनाया गया था, जिस पर लंबी न्यायिक और कानूनी लड़ाई चली।