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प्रथम श्रेणी कैदी का दर्जा मांगने अदालत पहुंचे सुजीत बोस

एजेंसी ने सुजीत बोस को प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति बताते हुए विशेष सुविधाएं देने की मांग का विरोध किया।

कोलकाता : नगर निगम भर्ती घोटाले में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व मंत्री सुजीत बोस गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से विशेष अदालत में पेश हुए। शांतनु सिंह रॉय और जय कामदार की तरह सुजीत बोस के वकील ने भी उनके लिए प्रथम श्रेणी कैदी (ग्रेड-1 प्रिजनर) का दर्जा देने की मांग की। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मांग पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई।

ईडी ने अदालत में क्या कहा

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल धीरज त्रिवेदी ने कहा कि मामले में कुछ महत्वपूर्ण लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजा गया था, लेकिन वे अब तक एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में हाल ही में कुछ नई जानकारियां मिली हैं और उन पर आगे पूछताछ की जानी है।

निताई दत्ता की पेशी का इंतजार

ईडी ने बताया कि दक्षिण दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष निताई दत्ता को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने इलाज के लिए हैदराबाद में होने की बात कही थी और इस महीने पेश होने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक जांच में शामिल नहीं हुए हैं।

जांच में मिले दस्तावेज और डिजिटल सबूत

एजेंसी के मुताबिक, जांच के दौरान कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़ी उम्मीदवारों की सूची बरामद हुई है। इसके अलावा कई डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं। ईडी का दावा है कि इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मामले में कई अहम सुराग मिले हैं।

बचाव पक्ष की दलील

सुजीत बोस के वकील ने अदालत में कहा कि सीबीआई की चार्जशीट में उनके मुवक्किल का नाम नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि धन के लेनदेन का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है और अन्य आरोपियों के बयानों में भी सुजीत बोस की भूमिका का उल्लेख नहीं है।

150 नियुक्तियों की जांच के घेरे में मामला

ईडी सूत्रों के अनुसार, दक्षिण दमदम नगर पालिका में करीब 150 लोगों की कथित अवैध नियुक्तियों की जांच की जा रही है। एजेंसी को संदेह है कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन विभिन्न बैंक खातों में जमा किया गया, जिसकी वित्तीय जांच जारी है।

गिरफ्तारी से पहले हुई थी छापेमारी

गिरफ्तारी से पहले ईडी ने सुजीत बोस के घर, कार्यालय और उनके परिवार से जुड़े एक ढाबे पर छापेमारी की थी। इसके बाद 11 मई को उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

विधानसभा चुनाव में मिली थी हार

हालिया विधानसभा चुनाव में सुजीत बोस ने बिधाननगर सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार शारद्वत मुखोपाध्याय से 37 हजार से अधिक वोटों से हार गए थे।

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