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अलीपुर जू में जानवरों के लिए होगी ऐसी व्यवस्था

विंटर केयर प्रोटोकॉल लागू

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : ठंड की दस्तक के साथ ही अलीपुर जू में जानवरों की विशेष देखभाल की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जू प्रशासन ने इस साल भी ‘विंटर केयर प्रोटोकॉल’ लागू किया है, जिसके तहत जानवरों के आहार और उनके एन्क्लोजर के तापमान में बदलाव किया जाएगा। साथ ही ठंड सहन न कर पाने वाले जानवरों को गर्म भोजन, हीट लैंप और स्ट्रॉ बेडिंग दी गई है, जबकि स्वाभाविक रूप से ठंड के अभ्यस्त जानवरों के लिए कमरे खुले रखे गए हैं, ताकि उनके शरीर का तापमान संतुलित बना रहे। इन सभी व्यवस्थाओं से ठंड में जानवरों की सुरक्षा और आराम दोनों सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

इन जानवरों के खाने में होगा बदलाव

अलीपुर जू की डायरेक्टर तृप्ति साह ने सन्मार्ग को बताया कि ठंड में जानवरों को शरीर गर्म रखने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए दिसंबर से कुछ की डाइट बढ़ाई जाती है और कुछ की घटाई जाती है। शेर, बाघ, तेंदुआ को मांस की मात्रा थोड़ी बढ़ाई जाती है क्योंकि ठंड में इनका मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है। वहीं घोड़े, जेब्रा, हाथी और अन्य जानवरों के भोजन में भी वृद्धि की जाती है। दूसरी ओर, जो जानवर ठंड में कम सक्रिय हो जाते हैं, उनका भोजन नियंत्रित रखा जाता है। सरीसृप जैसे कछुआ, सांप, मगरमच्छ और घड़ियाल को कम भोजन दिया जाता है क्योंकि ठंड में वे सुस्त हो जाते हैं और उनका पाचन धीमा पड़ जाता है।

एन्क्लोजर में होगा खास बदलाव

अलीपुर जू की डायरेक्टर ने बताया कि ठंड के मौसम में जानवरों की देखभाल के लिए स्टाफ की निगरानी बढ़ा दी जाती है। ठंड से बचाव के लिए बांदरों, चिंपांजी और लंगूरों को कंबल व रजाइयां दी गई हैं। वहीं सरीसृप घर में तापमान को नियंत्रित रखने के लिए हीट लैंप और थर्मोस्टेट लगाए जाते है। बाघ और शेर के कमरों में मोटा पुआल बिछाया गया है ताकि जमीन की ठंड उन पर असर न करे। वहीं, पक्षियों को ठंडी हवा के सीधे झोंकों से बचाने के लिए उनके एन्क्लोजर में नेटिंग और कवर्ड शेड लगाए गए हैं। इन सभी इंतजामों से जू के जानवरों को ठंड से सुरक्षित और आरामदायक माहौल मिल सकेगा।

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