कोलकाता : 28 अगस्त को तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस के साथ कांग्रेस के छात्र संगठन छात्र परिषद ने भी अपना स्थापना दिवस मनाया। शुक्रवार को महाजाति सदन में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस ने किसी बड़े नेता या सेलिब्रिटी के बजाय अपने पुराने और अनुभवी नेताओं को मंच पर उतारकर सियासी संदेश दिया।
कार्यक्रम में छात्र परिषद के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुमुद भट्टाचार्य लंबे समय बाद सार्वजनिक रूप से नजर आए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने उन्हें गेट से मंच तक सम्मानपूर्वक पहुंचाया। कई अन्य पूर्व और वरिष्ठ नेता भी समारोह में मौजूद रहे।
शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों में ‘मनुवादी शिक्षा’ लागू करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा विज्ञान और वैज्ञानिक सोच को पसंद नहीं करती। जादवपुर और बारासात विश्वविद्यालय की घटनाएं इसका प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए केवल छात्र संगठनों को नहीं, बल्कि प्रगतिशील सोच रखने वाले सभी लोगों को आगे आना होगा। जरूरत पड़े तो बिना पार्टी के झंडे के भी सड़क पर उतरना होगा।
उन्होंने भाजपा पर चुनावी लाभ के लिए कोलकाता नगर निगम के विभिन्न वार्डों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए इसे अंग्रेजी शासन के दौरान बंगाल विभाजन जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश बताया। साथ ही उन्होंने इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट को दिल्ली ले जाने की कथित योजना का विरोध किया। उनका आरोप है कि जवाहरलाल नेहरू का नाम जुड़े होने के कारण संस्थान को कमजोर करने की साजिश हो रही है।
शुभंकर ने राहुल गांधी को कोलकाता में ‘छात्र की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता भी दिया। तृणमूल के सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस विपक्षी जमीन मजबूत करने में जुटी है। 21 जुलाई का शहीद दिवस आयोजन भी इसी रणनीति का हिस्सा था।