सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में बीते दो-तीन महीनों के भीतर कॉलेज छात्रों से जुड़ी आत्महत्या एवं आत्महत्या के प्रयासों की घटनाओं ने समाज और प्रशासन दोनों को चिंतित कर दिया है। हाल ही में डिगलीपुर निवासी एवं भूगोल विभाग की द्वितीय वर्ष की एक छात्रा के निधन से शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं जागरूक नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस समिति अध्यक्ष रंगलाल हलदार ने एक स्थानीय न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि यह समय बोलने से अधिक संवेदना व्यक्त करने का है। उन्होंने दिवंगत छात्रा के परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए ईश्वर से परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उनका कहना है कि अंडमान-निकोबार का सबसे बड़ा कॉलेज होने की वजह से यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हॉस्टलों में रहते हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि प्रत्येक कॉलेज में मनोवैज्ञानिक शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और मेंटल हेल्थ विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित विजिट सुनिश्चित की जाए, ताकि समय-समय पर काउंसलिंग के माध्यम से छात्रों की मानसिक स्थिति को समझा जा सके। वहीं, इस विषय पर एक और कांग्रेस नेता ने भी गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि बीते कुछ महीनों में लगातार दो-तीन आत्महत्या के प्रयास सामने आए हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जिस छात्रा का निधन हुआ, वह डिगलीपुर की रहने वाली थीं और यह पूरे समाज के लिए पीड़ा का विषय है। उन्होंने भी प्रशासन से मांग की कि अंडमान-निकोबार के सभी स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों में मेंटल हेल्थ एवं करियर काउंसलिंग पर जागरूकता शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि छात्र अपनी समस्याएं खुलकर साझा कर सकें और समय रहते उन्हें मानसिक संबल मिल सके।