सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को लोगों से ‘‘असुरों और राष्ट्रविरोधी ताकतों’’ से सतर्क रहने का आग्रह किया। उनका इशारा परोक्ष तौर पर वाम दलों की ओर था। शुभेंदु अधिकारी ने सात्विक संस्कृति की रक्षा करने का भी आह्वान किया और दावा किया कि मई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद इसे राज्य में ‘‘फिर से स्थापित’’ किया गया है। मुख्यमंत्री ने ये टिप्पणियां शहर में गणेश प्रतिमा की स्थापना के दौरान कीं। उन्होंने कहा, ‘‘सुबह से मुझे गणेश पूजा मनाने और पूजा शब्द का इस्तेमाल करने को लेकर मुख्य रूप से वामपंथियों की ओर से काफी अपशब्द मिल रहे हैं। मैं वाम दलों के नेताओं से कहना चाहता हूं कि विश्वकर्मा पूजा के दिन मैं (राज्य सचिवालय) नबान्न में पुष्पांजलि दूंगा। आइए, मेरे साथ शामिल हों।’’ मुख्यमंत्री दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों के बाहर वाम दलों द्वारा लगाए जाने वाले बुक स्टॉल पर ‘‘शरदोत्सव’’ लिखे जाने और ‘‘दुर्गा पूजा’’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किए जाने को लेकर लगातार वाम दलों पर निशाना साधते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘असुरों से सावधान रहना होगा, राष्ट्रविरोधी ताकतों और टुकड़े-टुकड़े गिरोहों से दूर रहना होगा।’’
भारत सेवाश्रम में गणेश प्रतिमा की स्थापना के दौरान मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल को न केवल देश की सांस्कृतिक राजधानी, बल्कि ‘‘आध्यात्मिक जागरण की राजधानी’’ भी बताया और राज्य के लोगों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने सनातनी धार्मिक प्रतीकों का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि पुरुषों द्वारा लगाए जाने वाले ‘‘तिलक’’, पहनी जाने वाली ‘‘धोती’’ और ‘‘तुलसी’’ तथा विवाहित महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले ‘‘शाखा’’, ‘‘पोला’’ और ‘‘सिंदूर’’ को संरक्षण और सम्मान मिलना चाहिए तथा प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है कि वह इनकी गरिमा की रक्षा करे।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि गणेश पूजा का पारंपरिक संबंध भले ही महाराष्ट्र से रहा हो, लेकिन हाल के वर्षों में यह बंगाली परिवारों में भी व्यापक रूप से लोकप्रिय हुई है, ठीक उसी तरह जैसे कोजागरी लक्ष्मी पूजा। उन्होंने इसे ‘‘सनातनी’’ एकता का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि कभी बांग्ला भाषी लोगों और गुजराती, बिहारी तथा हिंदी भाषी समुदायों के बीच एक ‘‘दीवार’’ खड़ी कर दी गई थी और बाद वाले समुदायों को बाहरी बताया जाता था, लेकिन अब यह दीवार टूट चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी सनातनी हैं, हम सभी भारतीय हैं, हम सभी हिंदुस्तानी हैं।’’