सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : जेएनआरएम गेट के सामने चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान टीएसजी नेता भास्कर ने 17 फरवरी को मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्रों को अपनी पढ़ाई के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि छात्र दोपहर 2 बजे के बाद शांतिपूर्ण तरीके से बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और विरोध जारी रह सके। भास्कर ने कहा कि छात्र आंदोलन का उद्देश्य केवल समस्याओं को उजागर करना है, और इसमें राजनीति को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सांसदों के बदलते रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को छात्रों के साथ स्पष्ट और स्थिर रुख अपनाना चाहिए। उनका सुझाव था कि संसद में इस मुद्दे को उठाया जाए और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली ले जाकर शिक्षा मंत्री से मिलवाया जाए, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकल सके। भास्कर ने डीम्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े प्रशासनिक और शैक्षणिक अस्पष्टताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिनसे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के हित का मामला है, न कि राजनीतिक विवाद का, और सभी पक्षों को मिलकर समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। टीएसजी नेता ने स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन तीन स्तरों पर जारी रहेगा। पहला, शाम के समय शांतिपूर्ण धरना। दूसरा, न्यायालय में याचिका दाखिल करना। तीसरा, आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली में छात्रों का प्रतिनिधिमंडल भेजकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सामने मुद्दा उठाना। भास्कर ने छात्रों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें और आंदोलन के दौरान पढ़ाई को प्राथमिकता दें।
उन्होंने यह भी बताया कि छात्र संगठन और टीएसजी लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं और हल निकाले जाने तक आंदोलन को संरचित तरीके से चलाया जाएगा। भास्कर के अनुसार यह पहल छात्रों के हित और शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। भास्कर ने मीडिया से कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सिर्फ छात्रों की आवाज को सुरक्षित तरीके से सुनवाना है और किसी भी तरह का हिंसक या अव्यवस्थित प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि संवाद और प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से समाधान निकाले जा सकते हैं, जिससे छात्र भी सुरक्षित रहेंगे और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।इस तरह, जेएनआरएम छात्र आंदोलन अब शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली तरीके से जारी है, और टीएसजी भास्कर इसे छात्रों के हित और शिक्षा की गुणवत्ता की दिशा में सकारात्मक कदम मानते हैं।