कोलकाता : राज्य की आवास नीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब आवास परियोजनाओं में फ्लैट खरीदारों को लीज-होल्ड के बजाय फ्री-होल्ड मालिकाना हक देने की तैयारी है। साथ ही लंबे समय से अविक्रीत पड़े फ्लैटों को भी आम लोगों को उपलब्ध कराने की पहल शुरू की गई है। आवास मंत्री दीपक बर्मन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
आवास मंत्री के अनुसार, 2024-25 में लॉटरी के जरिए कई लोगों को फ्लैट आवंटित किए गए थे, लेकिन कानूनी जटिलताओं के कारण उनका हस्तांतरण नहीं हो सका। अब उन अड़चनों को दूर कर आवंटित फ्लैट लाभार्थियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
फिलहाल करीब 370 सरकारी फ्लैट अविक्रीत हैं। इन्हें ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ के आधार पर देने की योजना है। वहीं, पहले फ्लैट प्राप्त कर चुके लोगों के दोबारा आवेदन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया जाएगा। हालांकि, नई परियोजनाओं में लॉटरी अथवा निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही आवंटन होगा।
3500 परिवारों के लिए बनेंगे घर
न्यूटाउन के एक्शन एरिया-1 में 12 प्लॉट पर G+7 आवास बनाए जाएंगे, जिनमें करीब 48 फ्लैट होंगे। परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, एक्शन एरिया-2 में लंबे समय से लंबित ‘सन रे’ एचआईजी परियोजना को फिर शुरू करने की पहल की जा रही है। इसमें 500 से अधिक फ्लैट होंगे। सभी प्रस्तावित परियोजनाओं से करीब 3500 परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
एलआईजी आवास की कीमत कार्पेट एरिया के आधार पर करीब 4500 रुपये प्रति वर्गफुट, जबकि एमआईजी आवास की कीमत 5500-5600 रुपये प्रति वर्गफुट रखने की योजना है।
ईंट भट्टों से 6 हजार रोजगार
आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर से राहत देने के लिए आवास विभाग जल्द डिजिटल पोर्टल शुरू करेगा। यहां शिकायत दर्ज कराने से लेकर सुनवाई की तारीख, निर्णय और परिणाम तक की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। विभाग के कामकाज में तेजी लाने के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।