सन्मार्ग संवाददाता, श्री विजयपुरम
श्री विजयपुरम नगर पालिका द्वारा कर राजस्व बढ़ाने और नागरिक सहभागिता को मजबूत बनाने की दिशा में चलाया गया विशेष कर वसूली अभियान काफी सफल रहा। नगर पालिका ने मरीन कम्युनिटी हॉल और जेई-III साइट ऑफिस मोहनपुरा (वार्ड संख्या 4) में यह विशेष अभियान आयोजित किया, जिसका उद्देश्य लोगों को कर भुगतान में सरलता प्रदान करना और उन्हें नगरपालिका गतिविधियों से अधिक निकटता से जोड़ना था। प्रशासन की इस पहल का स्थानीय नागरिकों ने सकारात्मक स्वागत किया और बड़ी संख्या में करदाता मौके पर पहुंचे।
अभियान के दौरान नगर पालिका को कुल ₹30,18,223 की कर राशि प्राप्त हुई, जो प्रशासनिक प्रयासों और नागरिकों की जागरूकता का स्पष्ट संकेत है। अधिकारीयों का कहना है कि यदि कर भुगतान की प्रक्रिया लोगों की सुविधा के अनुरूप बनाई जाए, तो नागरिक स्वयं आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। इस अभियान में लोगों की उपस्थिति अपेक्षा से अधिक रही, जिससे यह भी स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर ऐसे प्रयास जनता तक सीधा असर छोड़ते हैं।
नगर पालिका ने घोषणा की है कि 22 तारीख को वार्ड संख्या 5 में भी इसी प्रकार का विशेष कर वसूली शिविर लगाया जाएगा। यह शिविर अटलांटा पॉइंट कम्युनिटी हॉल, आरजीटी रोड सैनिटरी साइट ऑफिस और नगर पालिका मुख्यालय कार्यालय में आयोजित होगा। प्रशासन का मानना है कि ऐसे शिविरों से न केवल कर भुगतान प्रक्रिया सुगम होती है, बल्कि नगरपालिका और नागरिकों के बीच विश्वास भी बढ़ता है।
अभियान के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि सहभागितापूर्ण स्थानीय शासन की अवधारणा तभी सफल हो सकती है, जब प्रशासन अपनी सेवाओं और योजनाओं को जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालता है। पहले जहां नागरिकों को कर भुगतान के लिए लंबी कतारों और जटिल प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता था, वहीं अब इस तरह के शिविरों ने प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बना दिया है। लोग बिना समय गंवाए, अपने नजदीकी केंद्र में पहुंचकर आसानी से कर जमा कर पा रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने भी इस मॉडल की सराहना की है, क्योंकि इससे उन्हें समय और संसाधनों की बचत होती है। कई नागरिकों ने बताया कि यदि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, तो कर राजस्व में और भी वृद्धि हो सकती है तथा पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, श्री विजयपुरम नगर पालिका का यह अभियान प्रशासन और जनता के बीच मजबूत सहयोग का एक बेहतर उदाहरण बनकर उभरा है। यह पहल न केवल राजस्व संग्रह में वृद्धि का माध्यम बनी है, बल्कि सुव्यवस्थित एवं जवाबदेह शहरी प्रशासन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।