मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : इतिहास में भक्ति आंदोलन के स्तंभ माने जाने वाले श्री चैतन्य महाप्रभु के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर अब गहन शोध हो सकेगा। कलकत्ता यूनिवर्सिटी 'भक्ति वेदांत रिसर्च सेंटर' के साथ मिलकर एक विशेष सब-सेंटर शुरू करने जा रही है, जिसका आधिकारिक उद्घाटन 22 जुलाई को होगा। इसके साथ ही मायापुर में एक आउटरीच सेंटर भी बनाया जाएगा।
दुनिया का पहला समर्पित चैतन्य वैष्णव स्टडीज सैटेलाइट सेंटर
भक्ति वेदांत रिसर्च सेंटर के एकेडमिक्स डीन के अनुसार, यह श्री चैतन्य को समर्पित दुनिया का अपनी तरह का पहला रिसर्च सेंटर है। इस सेंटर का आधिकारिक नाम 'सैटेलाइट सेंटर ऑफ द भक्ति वेदांत इंटरनेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर चैतन्य वैष्णव स्टडीज' रखा गया है। कलकत्ता यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग के प्रोफेसर कमल किशोर मिश्रा को इस सेंटर का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। नदिया के 'निमाई' (श्री चैतन्य) ने ईश्वर के साथ-साथ इंसानों के प्रति भी गहरे प्यार और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने तत्कालीन धार्मिक कट्टरता की सख्त दीवारों को चुनौती देकर समाज में जागरूकता फैलाई। उनके द्वारा शुरू की गई आध्यात्मिक और सामाजिक बदलाव की यह लहर सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्तर से लेकर दक्षिण तक पूरे भारत में फैल गई।
कोर्स के लिए आर्थिक मदद और विशेष समझौता ज्ञापन
यूनिवर्सिटी के सूत्रों के अनुसार इस विशेष कोर्स को सुचारु रूप से चलाने के लिए भक्तिवेदांत रिसर्च सेंटर ने 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इसके साथ ही कलकत्ता यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए जा चुके हैं, ताकि इस ऐतिहासिक शोध कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।